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Amarnath Yatra 2026: जम्मू में श्रद्धालुओं को पहली बार मिलेगी ये खास व्यवस्था,जानिए क्या है सरकार की तैयारी

Amarnath Yatra 2026:  श्री अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष जम्मू में विशेष आध्यात्मिक और पर्यटन अनुभव तैयार किया गया है। जम्मू स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तवी रिवर फ्रंट को नए धार्मिक आकर्षण के रूप में विकसित किया गया है, जहां श्रद्धालु महाआरती, नौका विहार और लेजर शो का आनंद ले सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य जम्मू को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

तवी रिवर फ्रंट पर होगी भव्य महाआरती

इस वर्ष 29 जून से तवी रिवर फ्रंट पर प्रतिदिन शाम 7 बजे भव्य महाआरती का आयोजन शुरू किया जाएगा। बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर होने वाली इस आरती में श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कर सकेंगे। इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और पूरे कार्यक्रम की निगरानी टाउन हॉल स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी।

1 जुलाई से शुरू होगा नौका विहार

तवी रिवर फ्रंट पर 1 जुलाई से नौका विहार की सुविधा भी शुरू की जाएगी। इसका विधिवत उद्घाटन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे। बोटिंग के लिए वयस्कों से 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा, जबकि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यह सुविधा निशुल्क रहेगी। मौसम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

लेजर शो से जान सकेंगे बाबा बर्फानी का इतिहास

श्रद्धालुओं के लिए तवी रिवर फ्रंट पर लेजर एंड साउंड शो का भी आयोजन किया जाएगा। इस शो के माध्यम से भगवान शिव, बाबा बर्फानी की महिमा और अमरनाथ गुफा के इतिहास को आधुनिक तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। पूरे क्षेत्र को आकर्षक रोशनी और सांस्कृतिक मंच से सजाया जा रहा है।

पंजीकरण और ठहरने की सुविधा भी यहीं

इस बार अमरनाथ यात्रा से जुड़े तत्काल पंजीकरण, टोकन और आरएफआईडी कार्ड की सुविधा रेलवे स्टेशन के बजाय तवी रिवर फ्रंट पर उपलब्ध होगी। यहां प्रतिदिन लगभग 3,500 श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए वॉटरप्रूफ टेंट, लंगर, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। शहर के अन्य हिस्सों में ठहरने वाले यात्रियों को महाआरती में शामिल कराने के लिए विशेष शटल बस सेवा भी चलाई जाएगी।

57 दिनों तक चलेगी अमरनाथ यात्रा

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 57 दिनों तक चलेगी। जम्मू से श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को रवाना होगा। प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ जम्मू में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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