Budhwa Mangal Significance: हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवार को विशेष रूप से “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन पहली बार भगवान हनुमान की मुलाकात प्रभु श्रीराम से हुई थी। यही कारण है कि ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का दिन बजरंगबली की आराधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दिन श्रद्धालु हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं तथा जरूरतमंद लोगों को दान भी देते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई उपासना से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं।
हनुमान जी के प्रमुख मंत्र
हनुमान मूल मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः
रुद्र हनुमान मंत्र
ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय।
सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥
हनुमान गायत्री मंत्र
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
पंचमुखी हनुमान मंत्र
ऊं नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा॥
हं हनुमंते नमः॥
ऊं नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा॥
ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट॥
कार्यों में सफलता के लिए मंत्र
यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता की कामना हो, तो श्रद्धा के साथ इस मंत्र का जाप किया जाता है
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
रोगों से मुक्ति की मान्यता वाला मंत्र
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंत्र का जाप स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए किया जाता है
ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा॥
बुढ़वा मंगल पर ऐसे करें पूजा
बुढ़वा मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ लाल या नारंगी रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने बैठकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
पूजा के दौरान बजरंगबली को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करें। भोग में बेसन के लड्डू, बूंदी, केला या खीर चढ़ाई जा सकती है। कई धार्मिक परंपराओं में भोग के साथ तुलसी दल अर्पित करने की भी मान्यता है।
इसके बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ और आरती करें। अंत में श्रद्धा और विश्वास के साथ हनुमान मंत्रों का जाप करें।
श्रद्धा और विश्वास का पर्व
बड़ा मंगल केवल पूजा का दिन नहीं, बल्कि सेवा, दान और भक्ति का भी अवसर माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भंडारे आयोजित करते हैं और जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक विश्वासों पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि इसे आस्था और परंपराओं के संदर्भ में ही देखें। News1india इसकी पूर्ण सत्यता या प्रमाणिकता का दावा नहीं करता।
