Janmashtami Celebration: कानपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे उत्साह और धार्मिक माहौल के बीच मनाया गया। शहर के प्रमुख श्री राधाकृष्ण मंदिर यानी जेके मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ी, वैसे-वैसे भक्तों का उत्साह भी बढ़ता गया। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। जेके मंदिर में जन्माष्टमी समारोह 3 से 9 सितंबर तक चलने वाले कार्यक्रमों का हिस्सा है।
आधी रात गूंजे जयकारे
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय करीब आते ही मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। आधी रात जैसे ही कान्हा के जन्म की घोषणा हुई, श्रद्धालुओं ने जोरदार जयकारे लगाए। मंदिर परिसर में चारों तरफ ‘नंद के आनंद भयो’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के उद्घोष सुनाई देने लगे। भक्तों ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। जन्म के बाद भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना और आरती की गई।
आतिशबाजी से रोशन मंदिर
कान्हा के जन्म की खुशी में जेके मंदिर परिसर में आतिशबाजी भी की गई। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी दिखाई दी और श्रद्धालु इस खास पल को देखकर उत्साहित नजर आए। मंदिर की सजावट और रोशनी ने पूरे परिसर की खूबसूरती और बढ़ा दी। बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और जन्माष्टमी के इस पावन अवसर का हिस्सा बने। शहर के दूसरे प्रमुख मंदिरों में भी कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रमों ने बांधा समां
जेके मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी रखी गईं। आयोजन की शुरुआत देवकी और वसुदेव के विवाह तथा भविष्यवाणी की कथा पर आधारित कार्यक्रम से हुई। इससे भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथा को मंचीय प्रस्तुति के जरिए देखने का मौका मिला। मंदिर प्रबंधन की ओर से पूरे आयोजन को व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया गया, ताकि श्रद्धालु आसानी से कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
जन्माष्टमी पर जेके मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया था। प्रशासन ने जेके मंदिर और इस्कॉन मंदिर जाने वाले मार्गों पर डायवर्जन लागू किया था, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। जेके मंदिर के आसपास अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था भी की गई थी।
भक्ति में डूबा कानपुर
जन्माष्टमी के मौके पर कानपुर में धार्मिक उत्साह अपने चरम पर दिखाई दिया। मंदिरों में भजन-कीर्तन, पूजा और विशेष आरती के बीच भक्त कृष्ण भक्ति में डूबे नजर आए। जेके मंदिर में कान्हा के जन्म के बाद आतिशबाजी और जयकारों ने माहौल को और खास बना दिया। देर रात तक श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होते रहे। शहर में जगह-जगह जन्माष्टमी की रौनक देखने को मिली।







