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Last Sawan Somwar: अंतिम सावन सोमवार पर शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें, जानिए ग्रह दोष दूर करने के उपाय

Last Sawan Somwa

 Last Sawan Somwar: सावन का अंतिम सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष सामग्रियां अर्पित करने से ग्रहों की अशुभता कम करने और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने की कामना की जाती है। श्रद्धालु सुबह या प्रदोष काल में विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन कर सकते हैं।

जल, गंगाजल और दूध से करें अभिषेक

शिवलिंग पर जल चढ़ाना भगवान शिव की पूजा में सबसे प्रमुख माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जल में गंगाजल मिलाकर अभिषेक करने से पवित्रता और सकारात्मकता की कामना की जाती है। वहीं दूध से अभिषेक करने को चंद्रमा से जुड़े दोषों को शांत करने वाला माना जाता है।

बेलपत्र का विशेष महत्व

भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय माना जाता है। तीन पत्तियों वाला बेलपत्र त्रिदेव और शिव के त्रिनेत्र का प्रतीक माना जाता है। सावन सोमवार पर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित कर भक्त सुख-शांति और ग्रहों की अनुकूलता की प्रार्थना करते हैं।

पंचामृत से करें अभिषेक

दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इस दौरान श्रद्धालु ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं।

राहु-केतु और शनि के लिए ये सामग्री

धार्मिक मान्यताओं में धतूरा और भांग को भगवान शिव को प्रिय माना गया है। इन्हें अर्पित करने से राहु-केतु और शनि से संबंधित परेशानियां कम होने की मान्यता है। काला तिल भी विशेष रूप से अर्पित किया जाता है।

चंदन, सफेद फूल और खीर

शिवलिंग पर चंदन लगाने को मन की शांति से जोड़ा जाता है। सफेद फूल और चावल की खीर अर्पित करने की भी परंपरा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इनसे चंद्र और शुक्र ग्रह की अनुकूलता की कामना की जाती है।

सूर्य और मंगल के लिए गुड़, गेहूं और लाल फूल

गुड़ और लाल पुष्प अर्पित करने को मंगल और सूर्य से संबंधित दोषों को शांत करने वाला माना जाता है। गेहूं अर्पित कर सूर्य की कृपा की प्रार्थना की जाती है। इस दौरान ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है।

गुरु और बुध ग्रह के लिए सामग्री

बृहस्पति ग्रह के लिए चने की दाल और पीले फूल अर्पित करने की मान्यता है। वहीं बुध ग्रह से संबंधित दोषों के लिए हरी मूंग या हरी दूर्वा चढ़ाने की परंपरा बताई गई है। मान्यता के अनुसार इससे बुद्धि, वाणी और व्यापार में शुभता की कामना की जाती है।

डिस्क्लेमर: सावन से जुड़ी दी गई मान्यताएँ धार्मिक विश्वासों पर आधारित हैं। इन्हें आस्था और परंपरा के अनुसार ही लें। News1India इसकी सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

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