Italian Roots Strengthen Argentina Squad: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना और स्पेन आमने-सामने होंगे। हालांकि चार बार की विश्व चैंपियन इटली इस बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन फाइनल मुकाबले में इटली की मौजूदगी अलग अंदाज में देखने को मिलेगी। अर्जेंटीना की टीम में इटैलियन मूल के करीब एक दर्जन खिलाड़ी और टीम प्रबंधन से जुड़े सदस्य शामिल हैं। कप्तान लियोनेल मेसी से लेकर मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी तक, कई प्रमुख नाम ऐसे हैं जिनकी पारिवारिक जड़ें इटली से जुड़ी हुई हैं। यही वजह है कि इटली की टीम भले मैदान पर नहीं होगी, लेकिन उसकी विरासत फाइनल में जरूर नजर आएगी।
लियोनेल मेसी और स्कालोनी का इटली से खास रिश्ता
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी का पारिवारिक संबंध इटली के मार्शे क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके पूर्वज वर्षों पहले इटली से अर्जेंटीना आकर बस गए थे, जबकि उनकी मां के परिवार की जड़ें भी इटली में हैं। मेसी के पास इटली की नागरिकता भी है और उन्हें इटली की राष्ट्रीय टीम से खेलने का अवसर मिल सकता था। हालांकि उन्होंने अपने जन्मस्थान अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया। वहीं मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी के पास भी अर्जेंटीना और इटली दोनों देशों की नागरिकता है, जिससे उनका इटली से संबंध और भी गहरा हो जाता है।
अर्जेंटीना की टीम में कई खिलाड़ियों की जड़ें इटली से जुड़ीं
अर्जेंटीना की मौजूदा टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका पारिवारिक संबंध इटली से है। इनमें लियोनेल मेसी, लॉटारो मार्टिनेज, एमिलियानो मार्टिनेज, एंजो फर्नांडीज, रोड्रिगो डी पॉल, निकोलस टैग्लियाफिको, जियोवानी लो सेल्सो, निकोलस गोंजालेज, जुआन मूसो और निको पाज जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। मिडफील्डर जुलियानो सिमियोने का जन्म भी इटली में हुआ था। उनके पिता डिएगो सिमियोने स्पेनिश क्लब एटलेटिको मैड्रिड के मुख्य कोच हैं। इन खिलाड़ियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि अर्जेंटीना और इटली के बीच ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाती है।
क्यों अर्जेंटीना में बड़ी संख्या में हैं इटैलियन मूल के लोग?
इतिहास बताता है कि वर्ष 1850 से 1950 के बीच 35 लाख से अधिक इटैलियन नागरिक बेहतर जीवन, रोजगार और खेती की संभावनाओं की तलाश में अर्जेंटीना जाकर बस गए थे। उस समय अर्जेंटीना सरकार भी यूरोप से आने वाले प्रवासियों को प्रोत्साहित कर रही थी। इसका असर यह हुआ कि आज अर्जेंटीना की आबादी का बड़ा हिस्सा इटैलियन मूल का माना जाता है। अनुमान है कि देश के 60 प्रतिशत से अधिक लोगों की पारिवारिक जड़ें किसी न किसी रूप में इटली से जुड़ी हुई हैं। यही कारण है कि अर्जेंटीना के खेल, संस्कृति और समाज पर इटली का प्रभाव साफ दिखाई देता है।
फाइनल में इतिहास और विरासत भी होगी आमने-सामने
अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला विश्व कप फाइनल केवल खिताब की जंग नहीं होगा, बल्कि यह इतिहास, प्रवास और सांस्कृतिक विरासत की भी कहानी पेश करेगा। अर्जेंटीना की टीम में बड़ी संख्या में इटैलियन मूल के खिलाड़ियों की मौजूदगी इस बात का उदाहरण है कि प्रवासी समुदायों ने किस तरह देश की पहचान और खेल संस्कृति को समृद्ध किया है। अब सभी की निगाहें इस मुकाबले पर टिकी हैं कि क्या मेसी अपनी टीम को एक और विश्व कप खिताब दिला पाएंगे या स्पेन बाजी मारकर नया इतिहास रचेगा।









