FIFA World Cup 2026: ग्रुप चरण खत्म, कब से शुरू होंगे करो या मरो के मुकाबले,अब होगी खिताबी जंग, जानिए पूरा शेड्यूल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ग्रुप चरण समाप्त हो गया है। अब 32 टीमें नॉकआउट दौर में पहुंच चुकी हैं। 29 जून से राउंड ऑफ 32 के मुकाबले शुरू होंगे और हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी।

FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 का ग्रुप चरण अब पूरा हो चुका है। इस बार टूर्नामेंट में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 16 टीमों का सफर यहीं समाप्त हो गया। अब बाकी बची 32 टीमें राउंड ऑफ 32 में पहुंच गई हैं। यहां से टूर्नामेंट पूरी तरह नॉकआउट चरण में प्रवेश करेगा, जहां हर हार किसी भी टीम के अभियान का अंत कर देगी।

अब लगातार जीतना होगा हर मैच

राउंड ऑफ 32 के बाद विजेता टीमें राउंड ऑफ 16 में पहुंचेंगी। इसके बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और आखिर में फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। जो टीम विश्व चैंपियन बनेगी, उसे अब लगातार पांच मुकाबले जीतने होंगे। इसलिए अब हर मैच बेहद अहम होने वाला है।

पहला मुकाबला कब होगा?

राउंड ऑफ 32 का पहला मैच कनाडा और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय समय के अनुसार 29 जून को रात 12:30 बजे शुरू होगा। दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि कनाडा ग्रुप बी में दूसरे स्थान पर रहा। इस दौर के सभी मुकाबले 4 जुलाई तक खेले जाएंगे।

इन टीमों ने बनाई नॉकआउट में जगह

ग्रुप चरण के बाद मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, कनाडा, ब्राजील, मोरक्को, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, आइवरी कोस्ट, नीदरलैंड्स, जापान, बेल्जियम, स्पेन, फ्रांस, अर्जेंटीना, इंग्लैंड, पुर्तगाल, कोलंबिया, घाना, क्रोएशिया, नॉर्वे, सेनेगल, ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया, मिस्र, इक्वाडोर, डीआर कांगो, बोस्निया और हर्जेगोविना, पैराग्वे, केप वर्डे और स्वीडन ने अगले दौर में जगह बनाई है।

राउंड ऑफ 32 के प्रमुख मुकाबले

29 जून को दक्षिण अफ्रीका बनाम कनाडा और ब्राजील बनाम जापान के बीच मुकाबले होंगे। 30 जून को जर्मनी का सामना पैराग्वे से और नीदरलैंड्स की भिड़ंत मोरक्को से होगी। इसके बाद फ्रांस बनाम स्वीडन, इंग्लैंड बनाम डीआर कांगो, बेल्जियम बनाम सेनेगल, अमेरिका बनाम बोस्निया और हर्जेगोविना, स्पेन बनाम ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल बनाम क्रोएशिया और अर्जेंटीना बनाम केप वर्डे जैसे बड़े मुकाबले भी खेले जाएंगे।

रोमांचक होगा नॉकआउट दौर

अब हर मुकाबला करो या मरो की स्थिति वाला होगा। एक हार किसी भी टीम को सीधे टूर्नामेंट से बाहर कर देगी। ऐसे में दुनिया की सभी बड़ी टीमों के सामने दबाव भी होगा और खिताब जीतने का सुनहरा मौका भी।

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