FIFA Considers Expanding 2030 World Cup: दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने संकेत दिए हैं कि साल 2030 में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप में टीमों की संख्या बढ़ाकर 64 की जा सकती है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। साथ ही भारत जैसी उभरती फुटबॉल टीमों के लिए पहली बार वर्ल्ड कप में जगह बनाने की उम्मीद भी काफी मजबूत हो जाएगी।
पहले 32, अब 48 और अगला लक्ष्य 64 टीमें
फीफा वर्ल्ड कप में साल 1998 से 2022 तक कुल 32 टीमें हिस्सा लेती थीं। इसके बाद अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में खेले जा रहे 2026 फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार 48 टीमों को मौका दिया गया। इस बदलाव का उद्देश्य दुनिया के अधिक देशों को विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर खेलने का अवसर देना था।
48 टीमों वाले फॉर्मेट को बताया सफल
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो का कहना है कि 48 टीमों वाला नया फॉर्मेट काफी सफल साबित हुआ है। उनके अनुसार, छोटे देशों की टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन किया, गोल किए और अंक हासिल कर यह साबित किया कि उन्हें भी बड़े मंच पर मौका मिलना चाहिए। इसी अनुभव के आधार पर फीफा अब 2030 वर्ल्ड कप में 64 टीमों को शामिल करने की संभावना पर विचार कर रहा है।
भारत की उम्मीदें होंगी मजबूत
भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए यह खबर बेहद उत्साहजनक है। जब वर्ल्ड कप में केवल 32 टीमें खेलती थीं, तब एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) को सीमित सीटें मिलती थीं, जिससे भारत के लिए क्वालिफाई करना बेहद मुश्किल था। 2026 में टीमों की संख्या 48 होने के बाद एशिया का कोटा बढ़ा और कई नए देशों को मौका मिला। अगर 2030 में टीमों की संख्या बढ़कर 64 हो जाती है, तो भारत के लिए भी क्वालिफाई करने की संभावना पहले के मुकाबले काफी बढ़ सकती है।
एशिया को मिल सकती हैं ज्यादा सीटें
2026 फीफा वर्ल्ड कप में एशिया से रिकॉर्ड 9 टीमों ने जगह बनाई। इनमें 8 टीमों ने सीधे क्वालिफाई किया, जबकि 1 टीम इंटरकॉन्टिनेंटल प्लेऑफ के जरिए टूर्नामेंट में पहुंची। यदि 2030 में 64 टीमों का फॉर्मेट लागू होता है, तो एशिया को 10 या 11 स्थान मिलने की संभावना जताई जा रही है। इससे भारत समेत कई उभरती फुटबॉल टीमों के लिए वर्ल्ड कप तक पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है।
फैसले पर रहेगी दुनिया की नजर
हालांकि, 2030 फीफा वर्ल्ड कप में 64 टीमें खेलने का फैसला अभी अंतिम नहीं है। फिलहाल फीफा इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो यह विश्व फुटबॉल के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव होगा और कई नए देशों को पहली बार वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिल सकता है।








