भारत और श्रीलंका के बीच टी 20 सारीज का दूसरा मैच 05 जनवरी को पुणे में खेला गया। सीरीज का पहला मैच जीतने के बाद भारतीय टीम का कांफिडेंस काफी हाई था लेकिन दूसरे ही मैच में ये ओवरकांफिंडेंस टीम पर भारी पड़ गया। श्रीलंका ने 16 रनों से मैच को जीता। जीत का ये आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था लेकिन वो तो शुक्र है अक्षर पटेल और सूर्यकुमार यादव की धांसू बल्लेबाजी का और उनकी 40 गेंदों में 91 रनों की पार्टनरशिप का, जो ये हार सिर्फ 16 रनों की थी। खैर हार तो हार ही होती है चाहे वो 1 रन की हो या फिर 100 रनों की। लेकिन आखिर भारतीय टीम हारी कैसे इस रिपोर्ट में हम आपको भारत की इस हार के 2 कारण बताएंगे।
1.फ्लॉप गेंदबाजी –

जिन गेंदबाजों ने पहले मैच में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 162 रन डिफेंड करके भारत को जीत दिलाई थी उन्ही गेंदबाजों को श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने दूसरे मैच में किलो के भाव से पीटा। गेंद पर चौका या छक्का लगना तो समझ भी आता है लेकिन नॉ बॉल पर पिटाई खाना तो कहीं से कहीं तक स्वीकार्य नहीं है लेकिन भारत के गेंदबाजों ने इस मैच में नॉ बॉल नहीं फेंकी बल्कि नॉ बॉल की झड़ी लगा दी। गेंदबाजों ने पूरे मैच में 7 नॉ बॉल फेंकी जिनपर 2 छक्कों समेत 28 रन आए, यानी कि अगर ये गेंदे ना होतीं तो भारत इस मैच को जीत जाता।
गेंदबाजी में भी सबसे ज्यादा खराब काम किया अर्शदीप सिंह ने अर्शदीप ने इतिहास बना दिया, वे लगातार 3 ऩॉ बॉल फेंकने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने। इस मैच में अर्श ने 5 नॉ बॉल फेंकी जिनमें से 3 तो उन्होने अपने पहले ही ओवर में लगातार फेंकी थीं जिनपर उन्हें 19 रन पड़े थे। पहले ओवर में पिटने के बाद कप्तान हार्दिक ने फिर से उन्हें गेंद थमाई और उन्हें 19वां ओवर दिया। लेकिन आज अर्शदीप शायद और ही मूड में थे, इस ओवर में वे पिटे तो ठीक ठाक लेकिन 2 नॉ बॉल श्रीलंका को गिफ्ट कर दीं वो अलग।
हार्दिक ने मैच में 6 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया, खुद हार्दिक ने 2 ओवर में 13, चहल ने 4 ओवरों में 30 और अक्षर पटेल ने 4 ओवरों में 24 रन देकर 2 विकेट लिए। बाकी के 3 गेंदबाज बुरी तरह पिटे जिनमें से उमरान मलिन ने 4 ओवर में 48 रन तो दिए मगर 3 विकेट लेकर अपना कोटा पूरा कर दिया लेकिन अर्शदीप सिंह और शिवम मावी का शायद दिन ही खराब था, अर्श ने 2 ओवर में ही 37 रन खा लिए और मावी ने 4 ओवर में 53 रन लुटा दिया।
गेंदबाजों की इस दुर्गति के चलते ही श्रीलंका ने 206 रन बना लिए थे।
2.खराब बल्लेबाजी –

पहली पारी में गेंदबाजों की धुलाई के बाद लोगों को उम्मीद थी कि भारतीय बल्लेबाज भी लंका के गेंदबाजों को पानी पिला पिला कर मारेंगे मगर जब भारत की बल्लेबाजी शुरू हुई तब नजारा कुछ और ही दिखा।भारत के शुरूआती बल्लेबाज मानो बल्लेबाजी के व्रत पर हों। ईशान किशन 2 और शुभमन गिल 5 रन बनाकर आउट हो गए, राहुल त्रिपाठी की भी बारी आई लेकिन वो भी 5 रन बनकर चलते बने। इसके बाद हार्दिक पांड्या का बल्ला ठीक ठाक दिख रहा था लेकिन करूणारत्ने ने उनका शानदार कैच लेकर उन्हें भी पवेलियन भेज दिया। हार्दिक के बाद पिछले मैच में कमाल कर चुके दीपक हुड्डा ने मोर्चा संभाला लेकिन सिर्फ 9 रन बनाकर वे आउट हो गए।
यानी 5 भरोसेमंद बल्लेबाजों ने मिलकर सिर्फ 33 रन बनाए और भारत को बनाने थे 207 रन मतलब बाकी के रनो का भार गेंदबाजों पर आ गया था। बल्लेबाजी में सिर्फ सूर्यकुमार यादव ने अपना काम बखूबी किया उन्होने 36 गेंदों में 51 रनों की पारी खेली। इसके अलावा इस मैच में हार के बाद भी हीरो रहे अक्षर पटेल जिन्होने पहले गेंदबाजी में 4 ओवरों में 24 रन देकर 2 विकेट लिए और बाद में बल्लेबाजी में भी सिर्फ 20 गेंदों में अपना पचासा पूरा कर कमाल कर दिया था, श्रीलंका की ओर से जो पारी दसुन सनाका ने खेली थी, भारत की ओर से उससे कहीं ज्यादा अच्छी पारी अक्षर ने खेली। अक्षर ने पूरी पारी में 31 गेंदों में 65 रन बनाए जिसमें 3 चौके और 6 छक्के शामिल थे इनमें से 3 छक्के तो उन्होने लगातार तीन गेंदों पर लगाए थे।
खैर अक्षर पटेल और सूर्यकुमार यादव की 40 गेंदों में 91 रनों की धांसू पार्टनरशिप ने भारत को मैच में इतना मजबूत बनाया कि बुरी तरह हारने की जगह टीम सिर्फ 16 रनों से हारी। आप तो बस ये समझ तो कि इन दोनों ने भारत की इज्जत बचा ली वरना बाकी के बल्लेबाजों ने तो पूरी इंतजाम कर ही दिया था। खासकर अक्षर पटेल ने दोनों ही पारियों में लंका की पूरी तरह लंका लगा ही दी थी मगर एक खिलाड़ी इस जीत के लिए काफी नहीं था।