Khan Sir Controversy: कोचिंग सेंटर में हंगामे के बाद सुरक्षा गार्डों के बयान से खान सर की बढ़ी मुश्किलें, FIR हुई दर्ज

पटना में खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुए हंगामे के मामले में सुरक्षा गार्डों के बयान के बाद विवाद और गहरा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Khan Sir Controversy Patna

Khan Sir Controversy: पटना में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) कोचिंग सेंटर के बाहर 2 जून की रात बड़ा हंगामा देखने को मिला। पुलिस के अनुसार, रात के समय करीब 15 से 20 लोगों का एक समूह कोचिंग संस्थान के बाहर पहुंचा और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। बताया गया कि कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की, संस्थान की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट भी की। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चूंकि यह क्षेत्र पटना के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में गिना जाता है, इसलिए घटना ने काफी चर्चा बटोरी।

गार्डों के बयान से बढ़ा विवाद

मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब संस्थान में तैनात सुरक्षा गार्डों ने पुलिस को अपना बयान दिया। गार्डों का दावा है कि जब भीड़ संस्थान के बाहर हंगामा कर रही थी, तब उन्हें भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग करने के लिए कहा गया था। सुरक्षा कर्मियों के अनुसार, रात करीब साढ़े दस बजे कुछ लोग संस्थान के बाहर पहुंचे और गेट पर लगे बैनर को फाड़ने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान खान सर और उनके एक सहयोगी ने उनसे कहा कि भीड़ पर तुरंत गोली चलाओ, बाकी स्थिति को वह संभाल लेंगे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है।

पुलिस ने क्या कहा?

घटना के बाद पटना पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है। एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, उनकी जानकारी पहले ही साझा की जा चुकी है। मामले से जुड़े हथियारों को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट हो सकेंगी।

फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी सबूतों को ध्यान से परखा जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और किसकी क्या भूमिका रही। फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसी वजह से पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

कानूनी प्रक्रिया पर टिकी निगाहें

मामले में कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है। यदि संबंधित पक्ष को अदालत से कोई राहत नहीं मिलती है, तो आगे गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी संभव हो सकती है। इस बीच पुलिस ने छात्रों और आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अपुष्ट जानकारी से बचना चाहिए और जांच पूरी होने तक धैर्य रखना चाहिए।

जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। तब तक सभी पक्षों के बयान और सबूतों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

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