Mango Truck Accident in Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गायघाट थाना क्षेत्र में आम से लदी एक पिकअप गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनकी मदद करने के बजाय लोग सड़क पर बिखरे आम उठाने में लग गए।
बंगाल से आम लेकर आ रहे थे कारोबारी
जानकारी के अनुसार, मधुबनी जिले के निर्मली थाना क्षेत्र के रहने वाले 40 वर्षीय अजय पासवान अपनी पत्नी संतरा देवी के साथ पश्चिम बंगाल से आम लेकर मुजफ्फरपुर आ रहे थे। शुक्रवार को जब उनकी पिकअप गायघाट थाना क्षेत्र के हनुमान नगर चौक के पास एनएच-27 पर पहुंची, तभी वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया।
हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ दंपति
गाड़ी पलटने के बाद अजय पासवान और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों वाहन के अंदर फंसे हुए दर्द से कराह रहे थे। दुर्घटना इतनी तेज थी कि पिकअप में लदे आम सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए।
मदद की जगह आम उठाने लगी भीड़
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन घायलों को बाहर निकालने या उनकी सहायता करने के बजाय लोग सड़क पर गिरे आम इकट्ठा करने लगे। महिला और पुरुष दोनों आम बटोरकर ले जाते दिखाई दिए। इस दौरान घायल दंपति दर्द से तड़पते रहे, लेकिन उनकी ओर ध्यान देने वाले बहुत कम लोग नजर आए।
पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही गायघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने तुरंत दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, ताकि उनका इलाज शुरू किया जा सके। हालांकि अजय पासवान की हालत बेहद गंभीर थी। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं उनकी पत्नी संतरा देवी का इलाज अभी भी जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।गायघाट थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही पिकअप पलटने की सूचना मिली, पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान अजय पासवान को बचाया नहीं जा सका। मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि लोग सड़क पर बिखरे आम उठाने में व्यस्त हैं, जबकि घायल दंपति को तत्काल मदद की जरूरत थी। यह दृश्य देखकर लोग भी हैरान हैं और घटना की आलोचना कर रहे हैं।
इंसानियत पर उठे सवाल
यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि समाज की घटती संवेदनशीलता का भी उदाहरण बन गई है। जरूरत के समय किसी की मदद करना सबसे बड़ा मानव धर्म माना जाता है, लेकिन यहां लोग घायल लोगों की जान बचाने के बजाय आम इकट्ठा करने में लगे रहे। यही वजह है कि यह घटना लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है।






