Pragya Singh Mystery Case: उत्तराखंड से सामने आए प्रज्ञा सिंह के रहस्यमयी तरीके से गायब होने के मामले ने सभी को हैरान कर दिया था। आधी रात ट्रेन से अचानक लापता हुई प्रज्ञा को लेकर परिवार और पुलिस दोनों परेशान थे। कई दिनों तक तलाश करने के बाद आखिरकार पुलिस ने उन्हें बिहार के बेगूसराय से सुरक्षित बरामद कर लिया। अब खुद प्रज्ञा ने बताया है कि आखिर वह बिहार कैसे पहुंच गईं।
पुलिस के अनुसार, प्रज्ञा सिंह अपने पति मनीष के साथ केदारनाथ यात्रा पूरी करके वापस लौट रही थीं। 5 मई की रात दोनों देहरादून से गाजियाबाद आने के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन रास्ते में दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
पति के सोने के बाद ट्रेन से उतर गई प्रज्ञा
लक्सर के एसपी देहात Shekhar Chandra Suyal ने बताया कि झगड़े के बाद जब पति सो गया तो प्रज्ञा चुपचाप ट्रेन से उतर गईं। इसके बाद वह बिना टिकट दूसरी ट्रेन में चढ़ गईं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें खुद भी यह नहीं पता था कि जिस ट्रेन में वह बैठी हैं, वह बिहार जा रही है।
कई घंटे सफर करने के बाद वह बिहार के बेगूसराय पहुंच गईं। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन करके बताया कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और परिवार चिंता न करे। इसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई।
पति ने पूरी ट्रेन में की तलाश
प्रज्ञा के पति मनीष ने बताया कि हरिद्वार पार होने तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों सो गए। जब ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास पहुंची तो उनकी आंख खुली। उन्होंने देखा कि प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं।
पहले उन्हें लगा कि वह वॉशरूम गई होंगी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटीं। इसके बाद मनीष ने पूरे डिब्बे और आसपास के कोच में तलाश शुरू कर दी। दोनों वॉशरूम भी चेक किए गए, लेकिन प्रज्ञा का कहीं पता नहीं चला। उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था।
पुलिस के सामने आई बड़ी चुनौती
मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मैसेज और व्हाट्सऐप चैट भी खंगाले, लेकिन कोई संदिग्ध जानकारी सामने नहीं आई।
जांच के दौरान सबसे बड़ी परेशानी रेलवे स्टेशनों के खराब सीसीटीवी कैमरे बने। मनीष का आरोप था कि रुड़की और मुजफ्फरनगर स्टेशन के कई कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इसी वजह से पुलिस को यह पता लगाने में मुश्किल हुई कि प्रज्ञा ट्रेन से कहां उतरी थीं।
फिलहाल पुलिस ने प्रज्ञा को सुरक्षित उनके परिवार के पास पहुंचा दिया है। अब वह कानपुर में अपने परिवार के साथ हैं और पूरा मामला शांत हो गया है।



