Building Collapse: दिल्ली में इमारत गिरने से मचा हड़कंप, रातभर चला बचाव अभियान, चार की मौत, कई घायल अस्पताल में भर्ती

दक्षिणी दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हुए। एनडीआरएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

Building Collapse In Delhi: दक्षिणी दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। वेस्टर्न मार्ग स्थित एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस इमारत में कोचिंग सेंटर, कैफे और कुछ कार्यालय संचालित हो रहे थे। वहीं ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य भी चल रहा था। इमारत गिरते ही आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और राहत एजेंसियों को सूचना दी।

छात्रों पर भी पड़ा हादसे का असर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतकों और घायलों में कुछ ऐसे छात्र भी शामिल हैं जो एफएमजी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इमारत के पास स्थित कैंटीन और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छात्र आते-जाते थे। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। कई लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

चार लोगों की मौत की पुष्टि

दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि इस हादसे में कुल चार लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

कैंटीन पर भी गिरा मलबा

हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इमारत पूरी तरह मलबे में बदल गई। गिरने के बाद उसका बड़ा हिस्सा पास में बनी टीन शेड वाली कैंटीन पर भी जा गिरा। यह कैंटीन उन छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थी जो मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। घटना के समय वहां लोगों की आवाजाही बनी हुई थी, जिससे नुकसान और बढ़ गया।

रातभर चला राहत और बचाव कार्य

हादसे के बाद कई एजेंसियों ने मिलकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, दिल्ली पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीम पूरी रात मौके पर डटी रही। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए भारी मशीनों, हाइड्रोलिक कटर, विशेष कैमरों और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया गया। बचाव दल ने बेहद सावधानी के साथ मलबा हटाया ताकि किसी भी फंसे व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके।

जांच में जुटे अधिकारी

अधिकारियों के अनुसार, सभी फंसे हुए लोगों का पता लगाए जाने के बाद बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इमारत गिरने की असली वजह क्या थी। निर्माण कार्य, भवन की मजबूती और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा।

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