Delhi Malviya Nagar Fire Tragedy: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने गुरुग्राम के एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया। इस हादसे में पहले परिवार के पांच सदस्यों की जान गई थी और अब अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल के निधन के बाद परिवार की आखिरी कड़ी भी टूट गई। इस तरह एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां काल के गाल में समा गईं।
इलाज के लिए दिल्ली आया था परिवार
गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत खराब थी। उनके इलाज के लिए परिवार उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल लेकर आया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के पास रहने की सुविधा के लिए परिवार के अन्य सदस्य मालवीय नगर के एक होटल में ठहरे हुए थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह फैसला उनके जीवन का सबसे दुखद अध्याय बन जाएगा।
आग में गई पांच लोगों की जान
होटल में लगी भीषण आग में राधेश्याम अग्रवाल की पत्नी, बेटे विवेक अग्रवाल, बहू और दो मासूम पोतियों की मौत हो गई थी। विवेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। हादसे में परिवार के तीन अन्य रिश्तेदारों की भी जान चली गई थी। उस समय राधेश्याम अग्रवाल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे।
अस्पताल में चल रही थी जिंदगी की जंग
अग्निकांड के बाद राधेश्याम अग्रवाल को इस दुखद घटना की जानकारी मिली। वह पहले से गंभीर रूप से बीमार थे और कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। परिवार को खोने का गहरा सदमा भी उन्हें झेलना पड़ा। आखिरकार 9 जून 2026 को उन्होंने भी अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही अग्रवाल परिवार की पूरी पीढ़ी समाप्त हो गई।
होटल में नियमों की अनदेखी
मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में हुए इस हादसे में कुल 22 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। जांच में सामने आया कि होटल सुरक्षा नियमों का पालन किए बिना संचालित किया जा रहा था। होटल को केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां 22 से 25 कमरे बनाए गए थे।
फायर एनओसी भी नहीं थी
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि होटल के पास फायर विभाग की अनिवार्य एनओसी नहीं थी। सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी के बावजूद होटल का संचालन जारी था। हादसे के बाद पुलिस ने होटल संचालक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद था, लेकिन लोगों को बचाने की कोशिश करने के बजाय वहां से भाग गया।
कई सवाल छोड़ गया हादसा
इस दर्दनाक घटना ने होटलों में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, वहीं अग्रवाल परिवार की कहानी ने पूरे देश को भावुक कर दिया। यह हादसा याद दिलाता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।




