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Shahdara Railway Station Murder: ट्रेन में चढ़ने को लेकर हुए विवाद ने ली युवक की जान, तीन आरोपी गिरफ्तार

Shahdara Railway Station Murder Case: दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर एक मामूली विवाद ने बड़ा और दुखद रूप ले लिया। योगा एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल डिब्बे में चढ़ने के दौरान हुई कहासुनी में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बागपत के रहने वाले थे पंकज

मृतक की पहचान पंकज धामा के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, घटना शनिवार 20 जून की सुबह हुई। बताया जा रहा है कि पंकज ट्रेन के दरवाजे पर खड़े थे और कुछ लोगों को डिब्बे में चढ़ने से रोक रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

मारपीट में चली गई जान

देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने पंकज के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्हें लात और मुक्कों से बुरी तरह पीटा गया। गंभीर हालत में उन्हें पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

फरार हुए आरोपी, मुजफ्फरनगर में पकड़े गए

घटना के बाद आरोपी उसी ट्रेन में बैठकर मौके से भाग निकले। दिल्ली पुलिस ने तुरंत सभी रेलवे स्टेशनों को अलर्ट कर दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने घेराबंदी कर आठ लोगों को हिरासत में लिया। इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने संभाली जांच

मुजफ्फरनगर से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बाद में दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया। जांच के बाद तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी लोगों से भी पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है।

दिल्ली मेट्रो में काम करते थे पंकज

पंकज धामा के भाई देवेंद्र धामा ने बताया कि पंकज दिल्ली मेट्रो में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे। वह रात की ड्यूटी खत्म करके घर लौट रहे थे। उनकी ट्रेन सुबह करीब छह बजे थी। ड्यूटी के बाद घर जाते समय उनके साथ यह घटना हुई।

सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर सवाल

देवेंद्र धामा का कहना है कि घटना के समय रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का एक जवान भी वहां मौजूद था। उन्होंने आरोप लगाया कि जवान ने पूरी घटना देखी, लेकिन समय रहते जरूरी कार्रवाई नहीं की। उनका मानना है कि अगर मौके पर तुरंत कदम उठाए जाते तो आरोपियों को रोका जा सकता था।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिखाई देता है कि एक सुरक्षाकर्मी पंकज को भीड़ से अलग करके ट्रेन से दूर ले जाता है। इसके बाद पंकज प्लेटफॉर्म पर पड़े दिखाई देते हैं। वीडियो में उनके शरीर में हलचल भी नजर आती है, लेकिन आरोप है कि उन्हें तुरंत इलाज नहीं मिला। यही वजह है कि अब सुरक्षा व्यवस्था और मौके पर मौजूद लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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