Sonam Wangchuk Protest: जंतर-मंतर पर 20 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। प्रदर्शन के 21वें दिन हुई इस कार्रवाई के बाद कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने विरोध जताया।
डॉक्टर ने सरकारी दावे पर उठाए सवाल
सोनम वांगचुक के डॉक्टर डॉ. नितिन दिघे ने बताया कि वह और उनकी टीम पिछले 20 दिनों से रोजाना उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने भर्ती का कारण शरीर में पोटैशियम की कमी बताया, जबकि एक दिन पहले कराई गई जांच में पोटैशियम का स्तर सामान्य था।
ब्लड रिपोर्ट नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
डॉ. दिघे के अनुसार, उन्होंने 17 जुलाई को दोपहर में स्वयं सोनम वांगचुक का ब्लड सैंपल लिया था, जिसमें पोटैशियम का स्तर 4.8 था, जबकि सामान्य स्तर 3.5 से अधिक माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन अब तक ब्लड रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा रहा है, जिससे स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वतंत्र जांच के लिए भेजा सैंपल
डॉ. दिघे ने बताया कि उन्होंने स्वतंत्र जांच के लिए एक अलग ब्लड सैंपल लिया है और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करेंगे। उनका कहना है कि सरकारी रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक की पत्नी ने अस्पताल प्रशासन से उन्हें किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी है।
पत्नी ने मार्च जारी रखने की कही बात
डॉक्टर के अनुसार, सोनम वांगचुक की पत्नी ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। यदि स्वास्थ्य कारणों से सोनम वांगचुक इसमें शामिल नहीं हो पाते हैं, तो उनकी पत्नी उनकी ओर से इस मार्च में हिस्सा लेंगी।
मुलाकात पर भी लगी रोक
डॉ. नितिन दिघे ने दावा किया कि उन्हें और वांगचुक के वकीलों को अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। फिलहाल केवल उनकी पत्नी को ही मिलने की इजाजत दी गई है।
