Who Is Sonia Sehrawat: रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत इन दिनों चर्चा में हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF की अधिकारी हैं और फिलहाल RAF में तैनात हैं। RAF को देश में दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन जैसे संवेदनशील हालात से निपटने वाली विशेष यूनिट के तौर पर जाना जाता है। हरियाणा के एक सामान्य परिवार से आने वाली सोनिया बचपन से ही वर्दी पहनने का सपना देखती थीं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत NCC से की और बाद में UPSC CAPF परीक्षा पास करके CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट बनीं। ट्रेनिंग के दौरान एक हादसे में उन्हें 52 टांके भी लगे, लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण अधूरा नहीं छोड़ा। इसके बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी जिम्मेदारी संभाली। वह सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बताए जाते हैं। वह फिटनेस, डांस रील्स और वर्दी से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा करती रही हैं।
प्रदर्शन में घायल
20 जुलाई को CJP के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों की ओर जूते, चप्पल और बीयर की बोतलें फेंकीं, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। इसी दौरान RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत भीड़ के बीच फंस गईं और उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब स्थिति बेकाबू हुई तो कुछ महिला प्रदर्शनकारी गिर गईं और उन्हें बचाने के लिए वह आगे बढ़ीं। उनके मुताबिक, RAF लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और दूरी रखने की अपील कर रही थी, लेकिन भीड़ ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके जवानों ने किसी महिला प्रदर्शनकारी के साथ जानबूझकर अभद्रता नहीं की। दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले में कई FIR दर्ज की गई हैं और हिंसा में 118 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है।
अभिजीत दीपके के सवाल
प्रदर्शन के दौरान CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनिया सहरावत से महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित बल प्रयोग को लेकर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि एक महिला अधिकारी होने के नाते क्या वह महिलाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का समर्थन करती हैं। दीपके ने एक महिला प्रदर्शनकारी के आरोप का भी जिक्र किया, जिसने सुरक्षा कर्मियों पर हमला करने का आरोप लगाया था। हालांकि, बातचीत के दौरान दीपके ने सोनिया की एक बात की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं, लेकिन किसी पुलिस अधिकारी ने उनकी बात उस तरह नहीं सुनी, जिस तरह सोनिया ने सुनी। इसके बाद सोनिया के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक स्टोरी सामने आई, जिसमें मरे हुए कॉकरोच की तस्वीर के साथ लिखा था कि जो अपनी हालत नहीं बदल सकते, वे देश बदलने की बात कर रहे हैं। CJP समर्थकों ने इसे आंदोलन पर तंज माना और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई। बाद में यह स्टोरी हटा दी गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में CRPF के स्तर पर अनुशासनात्मक चर्चा का दावा भी किया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई।
Sonia का जवाब
सोनिया सहरावत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कमांड में मौजूद RAF जवानों ने किसी प्रदर्शनकारी पर जानबूझकर या अनजाने में हमला नहीं किया। उनका कहना है कि RAF जवानों को महिलाओं को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि भीड़ के पीछे से दबाव बढ़ने के कारण तीन महिला प्रदर्शनकारी गिर गईं और उनके जवानों ने उन्हें चोट नहीं पहुंचाई। सोनिया के मुताबिक, टकराव के दौरान वह खुद भी जमीन पर गिर गईं और उन पर पत्थर व जूते फेंके गए, जबकि उनका हेलमेट भी उतार दिया गया। उन्होंने एक जवान को भीड़ में घसीटे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में सुरक्षाकर्मियों को आत्मरक्षा में कार्रवाई करनी पड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता वहां मौजूद महिलाओं और एक 12 वर्षीय बच्ची को सुरक्षित निकालना थी। सोनिया ने कहा कि सुरक्षाबल लोगों की सुरक्षा के लिए मौजूद हैं और उन्हें दुश्मन या गुंडा समझना सही नहीं है।
जांच जारी है
पूरे विवाद पर दिल्ली पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर कई FIR दर्ज की हैं और घटनास्थल के वीडियो भी जांच का हिस्सा हैं। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर सोनिया सहरावत को लेकर दो तरह की बहस चल रही है। एक तरफ लोग प्रदर्शन के दौरान घायल होने और ड्यूटी निभाने के लिए उनकी बहादुरी की चर्चा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर विवादित इंस्टाग्राम स्टोरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। सोनिया की ओर से प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए आरोप और CJP की ओर से लगाए गए आरोप अब जांच का हिस्सा हैं। ऐसे में मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, एक घायल RAF अधिकारी के तौर पर शुरू हुई यह कहानी सोशल मीडिया विवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है।


