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Plane Crash Tragedy: उड़ान जो आखिरी हुई साबित, कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

Ranchi Delhi Plane Crash Tragedy: रांची से दिल्ली जा रहा एक छोटा विमान हादसे का शिकार हो गया। यह विमान मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि कई परिवारों की खुशियां और सपने एक साथ खत्म हो गए।

पिता का दर्द सुन नम हुई आंखें

हादसे में जान गंवाने वालों में एक युवा डॉक्टर भी शामिल थे। जब उनके पिता से बात की गई तो वे रोते हुए बोले, “बेटे ने कहा था कि वह मरीजों के साथ दिल्ली जा रहा है। मुझे क्या पता था कि वह उससे मेरी आखिरी बात होगी।” उन्होंने बताया कि रात करीब 9 बजे डॉक्टरों ने खबर दी कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। पिता ने कहा, “मैंने खेत बेचकर उसे पढ़ाया था।” उनकी यह बात सुनकर हर कोई भावुक हो गया।

मरीज संजय की दर्दभरी कहानी

इस हादसे में संजय कुमार नाम के मरीज की भी मौत हो गई। संजय ढाबा चलाते थे। कुछ दिन पहले उनके ढाबे में आग लग गई थी, जिसमें वह करीब 65 प्रतिशत झुलस गए थे। दस दिन तक झारखंड के अस्पताल में इलाज चला, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली रेफर किया गया। परिवार ने बड़ी मुश्किल से पैसे इकट्ठा कर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की थी। मगर जिंदगी बचाने की कोशिश में उठाया गया यही कदम उनकी मौत की वजह बन गया।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

संजय के परिजनों ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं। एक रिश्तेदार ने कहा, “अगर रांची में सही इलाज मिल जाता तो शायद आज दो जिंदगियां बच जातीं।” इस हादसे में उन्होंने संजय और अपनी बहन अर्चना देवी, दोनों को खो दिया। परिवार का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
जांच के आदेश और सरकार की प्रतिक्रिया

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि खराब मौसम में उड़ान की अनुमति कैसे दी गई, इसकी जांच होगी। मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की भी बात कही गई है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी हादसे को बेहद दुखद बताया और कहा कि मौसम एक कारण हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होगी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपई सोरेन ने सोशल मीडिया पर दुख जताया।

कैसे हुआ हादसा?

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, बीचक्राफ्ट सी90 विमान रांची से दिल्ली जा रहा था। शाम 7 बजकर 11 मिनट पर उड़ान भरी गई। 7 बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से संपर्क हुआ, लेकिन इसके बाद विमान का संपर्क टूट गया। कुछ ही देर में वह चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में दो पायलट समेत सात लोग सवार थे। वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की टीम जांच के लिए भेजी गई है।

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