Tamil Nadu Government Formation Battle :तमिलनाडु में चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद टीवीके के सामने सरकार बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राजभवन का मानना है कि पार्टी के पास अभी साफ बहुमत नहीं है। इसी वजह से सरकार गठन को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। अब राज्य की राजनीति में जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने का दौर तेज हो गया है।
कोर्ट जाने की तैयारी में टीवीके
सूत्रों के मुताबिक, टीवीके अब कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है। कहा जा रहा है कि पार्टी जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। जानकारी के अनुसार, विजय इस मामले में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी से सलाह ले रहे हैं। हालांकि, पार्टी फिलहाल पहले सभी राजनीतिक विकल्पों को आजमाना चाहती है। अगर कोई रास्ता नहीं निकलता, तभी कोर्ट जाने का फैसला लिया जाएगा।
राज्यपाल ने पूछे सीधे सवाल
गुरुवार सुबह अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को राज्यपाल आवास बुलाया गया था। वहां राज्यपाल ने उनसे सरकार बनाने को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि सिर्फ 113 विधायकों के सहारे सरकार कैसे चलेगी और उन्हें किन दलों का समर्थन मिलेगा। इसके जवाब में विजय ने कहा कि वह विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इससे पहले बुधवार को भी दोनों के बीच मुलाकात हुई थी, लेकिन बताया जा रहा है कि तब भी राज्यपाल आंकड़ों से संतुष्ट नहीं थे।
बहुमत के लिए चल रहा गणित
टीवीके ने चुनाव में 108 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से कम हैं। कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों के समर्थन की बात कही है, लेकिन उसने शर्त रखी है कि टीवीके किसी भी सांप्रदायिक दल से दूरी बनाए रखे। इसके अलावा वामपंथी दलों, वीसीके और पीएमके से भी समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर यह पूरा गठबंधन बन जाता है, तो टीवीके के पास बहुमत से ज्यादा सीटें हो सकती हैं।
गठबंधन में सबसे बड़ी मुश्किल
टीवीके के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जिन दलों से समर्थन की उम्मीद है, वे पहले से दूसरे गठबंधनों में शामिल हैं। वीसीके फिलहाल डीएमके के साथ है, जबकि पीएमके का संबंध बीजेपी गठबंधन से माना जाता है। ऐसे में इन दलों का अपने पुराने साथियों को छोड़कर टीवीके के साथ आना आसान नहीं माना जा रहा।
AIADMK के साथ भी चर्चा तेज
राज्य में AIADMK के साथ संभावित गठबंधन की चर्चाएं भी हो रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने डीएमके और बीजेपी पर जमकर हमला बोला था, लेकिन AIADMK पर ज्यादा निशाना नहीं साधा। इसी वजह से दोनों दलों के बीच बातचीत की अटकलें तेज हुईं। हालांकि, AIADMK नेताओं ने ऐसे किसी भी गठबंधन की खबर को गलत बताया है।
रिसॉर्ट पॉलिटिक्स ने बढ़ाई हलचल
राजनीतिक उठापटक के बीच टीवीके ने अपने कई विधायकों को मामल्लापुरम के एक रिसॉर्ट में ठहराया है। माना जा रहा है कि पार्टी टूट-फूट से बचने के लिए ऐसा कर रही है। अगर टीवीके बहुमत साबित नहीं कर पाती, तो राज्यपाल विधानसभा को निलंबित कर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश भी कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में राज्य में दोबारा चुनाव की संभावना बढ़ सकती है।
