Asim Arun News: उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री और पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश सत्ता में थे, तब उन्होंने दलितों का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिलों और संस्थानों से दलित महापुरुषों के नाम हटाना, पोस्टिंग में भेदभाव और छात्रवृत्तियों में घोटाले – यही सपा का असली चेहरा है। असीम अरुण ने कहा कि 2017 के बाद ही अखिलेश यादव को दलितों की याद आई, जब जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश की राजनीति समाज को बांटने और नफरत फैलाने वाली रही है, लेकिन अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है कि विकास और सम्मान का रास्ता भाजपा से ही होकर जाता है।
सपा पर दलित महापुरुषों के अपमान का आरोप
Asim Arun ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते समाजवादी पार्टी ने जानबूझकर दलित महापुरुषों के नाम पर बने जिलों और संस्थानों के नाम बदल दिए। उन्होंने कहा – “भीम नगर, महामाया नगर, संत रविदास नगर – इन सबके नामों से छेड़छाड़ कर सपा ने सामाजिक चेतना का अपमान किया।” मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या यह दलितों का सम्मान है या उन्हें हाशिए पर ले जाने की कोशिश?
पोस्टिंग और छात्रवृत्ति में पारदर्शिता की बात
एक पूर्व आईपीएस अधिकारी होने के नाते Asim Arun ने पुलिस और प्रशासनिक पोस्टिंग में भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सपा शासन में दलित अधिकारियों को थानों और महत्वपूर्ण पदों से वंचित रखा गया, जबकि योगी सरकार में अब पोस्टिंग काबिलियत के आधार पर हो रही है। छात्रवृत्ति को लेकर उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष 56 लाख छात्रों को 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति दी गई, जबकि सपा के समय 34 लाख छात्रों तक ही लाभ सीमित रहा और उस दौरान घोटालों के आरोप भी लगे।
विकास कार्यों पर भी साधा निशाना
कानपुर मेट्रो जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर असीम अरुण ने कहा कि सपा नेताओं को यह भ्रम है कि सारी योजनाएं उन्होंने ही शुरू की हैं। उन्होंने कहा – “ये सब करदाताओं की मेहनत का नतीजा है, जिसे योगी सरकार ने पारदर्शिता से उपयोग किया है।” उन्होंने माइनिंग और जीएसटी जैसे क्षेत्रों में ईमानदारी से टैक्स कलेक्शन का उदाहरण देते हुए सरकार की नीतियों की प्रशंसा की।
2024 की तैयारी और जनता का भरोसा
मंत्री Asim Arun ने कहा कि भाजपा को 2017 और 2022 में जनता ने ऐतिहासिक जनादेश दिया और 2024 के चुनाव में भी यह विश्वास दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहतर है, सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधर रही है और हर घर तक पानी पहुंचाने की दिशा में ठोस प्रयास हो रहे हैं।

















