Kaushambi Toll Plaza LPG Tanker Blast: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के कोखराज इलाके में स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। एलपीजी से भरे टैंकर में हुए भीषण विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40) की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग इतनी भयानक थी कि 16 मोटरसाइकिलें और 2 कारें भी इसकी चपेट में आकर जल गईं।
सात लोग झुलसे, पांच की हालत गंभीर
इस हादसे में कुल सात लोग झुलस गए। इनमें से पांच लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज रेफर किया गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को करीब तीन घंटे का समय लगा। इस दौरान कानपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
छत से कूदकर बचाई अपनी जान
टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने बताया कि हादसे के समय कई लोग कंट्रोल रूम के पास बने स्टाफ रूम में सो रहे थे। अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग की लपटें और धुएं का गुबार कंट्रोल रूम तक पहुंच गया। चारों तरफ आग फैलती देख कर्मचारियों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था। ऐसे में कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए दूसरी मंजिल की छत से नीचे छलांग लगा दी।
धमाके के बाद हर तरफ आग ही आग
प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारी रविंद्र पांडेय ने बताया कि सुबह करीब 5:45 बजे ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने दरवाजा पीटकर उन्हें जगाया। तभी जोरदार धमाका हुआ और कांच तोड़ते हुए आग की लपटें कमरे तक पहुंच गईं। कुछ ही सेकंड में पूरा माहौल धुएं और आग से भर गया। उन्हें लगा कि अब बचना मुश्किल है, इसलिए उन्होंने बिना देर किए छत से छलांग लगा दी।
घायल होने के बाद भी नहीं रुके कर्मचारी
रविंद्र पांडेय के पैरों में गंभीर चोट आई। वहीं सत्येंद्र कुमार और महेंद्र मौर्य भी छत से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। नीचे गिरने से वे घायल जरूर हुए, लेकिन उस समय उन्हें दर्द का एहसास भी नहीं था। सभी के मन में सिर्फ एक ही बात थी कि किसी तरह जिंदा बच जाएं।
सदमे में दिखे कर्मचारी
हादसे के बाद घायल कर्मचारी गहरे सदमे में थे। कोई अपने परिवार को फोन कर अपनी कुशलता बता रहा था तो कोई हादसे में घायल साथियों का हाल जानने की कोशिश कर रहा था। घटनास्थल पर लगातार एंबुलेंस के सायरन गूंजते रहे और राहत-बचाव दल लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा रहा। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और खतरनाक गैस से भरे वाहनों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

























