Lakhimpur Kheri elephant herd: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में दुधवा जंगल से सटे चौखड़ा फार्म इलाके में बीती रात एक भयानक घटना सामने आई। खेतों में खड़ी फसल को हाथियों के झुंड से बचाने की कोशिश कर रहे 50 वर्षीय किसान राम बहादुर को हाथियों ने कुचलकर मार डाला। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे वन विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह हाथियों का झुंड करीब एक महीने से क्षेत्र में घूम रहा है, लगातार फसलें रौंद रहा है और दहशत फैला रहा है, लेकिन बार-बार की शिकायत के बावजूद वन विभाग ने उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में वापस भेजने या प्रभावी निगरानी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस उदासीनता का खामियाजा एक किसान को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा है। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को उचित मुआवजा और क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। मशाल लेकर भगा रहे थे, तभी हुआ हमला

लखनऊ-बहराइच सिर्फ 1 घंटे में! 7000 करोड़ के फोरलेन हाईवे को हरी झंडी, गोंडा-बलरामपुर का सफर भी होगा सुपरफास्ट
यह दर्दनाक घटना Lakhimpur Kheri दुधवा टाइगर रिजर्व की मझगई रेंज के चौखड़ा फार्म की है। नेपाल से आए जंगली हाथियों का झुंड सोमवार रात एक बार फिर खेतों में पहुंच गया। राम बहादुर अपने कुछ साथियों के साथ मशाल जलाकर और आवाजें लगाकर हाथियों को खेतों से दूर करने का प्रयास कर रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार, इसी दौरान हाथियों का झुंड अचानक उत्तेजित हो गया और लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। राम बहादुर के साथी तो भागने में कामयाब रहे, लेकिन राम बहादुर दुर्भाग्यवश झुंड के बीच फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई हाथियों ने उन्हें घेर लिया और जोर से पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वन विभाग ने जांच की बात कही
सूचना मिलने के बाद वन विभाग का स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचा। एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, जब हाथियों का झुंड तेजी से भाग रहा था, तब राम बहादुर उनके बीच फंस गए, जिससे उनकी मृत्यु हुई। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम घटनास्थल पर मौजूद है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग की है कि Lakhimpur Kheri प्रशासन जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय करे, उचित निगरानी बढ़ाए, और फसलों की सुरक्षा के साथ-साथ पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिलवाए, ताकि इस क्षेत्र के किसानों में व्याप्त दहशत खत्म हो सके।
























