Shubhanshu Shukla’s Space Journey : भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अब अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंच चुके हैं। उनके साथ तीन और विदेशी एस्ट्रोनॉट भी थे। जैसे ही उनकी स्पेस कैप्सूल ने ISS से कनेक्ट किया, भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक पल बन गया। शुभांशु अब अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे नागरिक बन गए हैं। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु के माता-पिता को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर सम्मानित किया और उनके बेटे की सफलता पर उन्हें बधाई दी। योगी ने शुभांशु की कामयाबी को पूरे देश और खासतौर पर उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।
परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं
शुभांशु के पिता शंभू दयाल शुक्ला ने भावुक होकर कहा,
“बहुत गर्व हो रहा है, भगवान का आभार कि बेटा अंतरिक्ष तक पहुंचा। हम उसकी सफलता और सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।”
शुभांशु की बहन निधि मिश्रा ने कहा
“हम सबके लिए यह बहुत बड़ा पल है। वह सुरक्षित ऑर्बिट तक पहुंच गए, यही सबसे राहत वाली बात है।”
वहीं दूसरी बहन शुचि मिश्रा ने अपने जज़्बात जाहिर करते हुए कहा,
“यह बहुत भावुक पल था। मेरे पास शब्द नहीं हैं। यह तो बस शुरुआत है, अभी लंबा रास्ता बाकी है।
नासा-इसरो के साझा मिशन का हिस्सा
शुभांशु की ये उड़ान नासा और इसरो के बीच हुए करार के तहत हुई है। यह मिशन भविष्य में भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। गगनयान मिशन में भारत अपने खुद के एस्ट्रोनॉट को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजेगा और फिर सुरक्षित वापस लाएगा। यह मिशन 2027 तक लॉन्च हो सकता है।
अंतरिक्ष में जाने वाले व्यक्ति को भारत में “गगनयात्री”, रूस में “कॉस्मोनॉट” और चीन में “ताइकोनॉट” कहा जाता है।
















