Kargil Vijay Diwas 2026: कारगिल विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क में आयोजित शौर्य दिवस श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के परमवीर चक्र विजेता सैनिकों को दी जाने वाली सम्मान राशि अब ₹1.5 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ कर दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य में निर्माणाधीन सैन्य धाम का लोकार्पण भी जल्द किया जाएगा।
सैन्य धाम बनेगा प्रेरणा का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य धाम देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की स्मृति को सहेजने का कार्य करेगा। यह आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, शौर्य और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि वीर सैनिकों के सम्मान का प्रतीक होगा।
अग्निवीरों के लिए नई पहल
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। साथ ही प्रदेश का पहला अग्निवीर सेल बनाया जा रहा है। उन्हें निशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार योजनाओं और होमस्टे जैसी योजनाओं में विशेष प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं का होगा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों के शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी समस्याओं का भी जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिकों और पूर्व सैनिकों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता है और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
उत्तराखंड के सैनिकों के योगदान का किया उल्लेख
धामी ने कहा कि उत्तराखंड का हर कोना राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत है। आजादी से पहले और बाद के सभी प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों में राज्य के सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा सेना की वर्दी को नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का अवसर मानता है।
सेना के आधुनिकीकरण पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में भारतीय सेना का आधुनिकीकरण हुआ है और उसे आधुनिक संसाधनों से सशक्त बनाया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से आधारभूत ढांचे का विकास हो रहा है और सैनिकों के कल्याण से जुड़े फैसले भी तेजी से लिए जा रहे हैं।
सैनिक कल्याण मंत्री ने भी किया सम्मान
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है और देश की रक्षा करने वाला हर पांचवां सैनिक राज्य से आता है। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम का निर्माण शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान का प्रतीक है तथा सैनिकों के कल्याण के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।









