Well Collapse Rescue Operation: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के अंतर्गत बंडोल थाना क्षेत्र का ‘दुकली’ (Dookli) गाँव में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक नए बने कुएं के पास काम चल रहा था, तभी अचानक कुएं की दीवार और उसके आसपास की मिट्टी धंस गई। हादसे में मां और बेटी मलबे के नीचे दब गईं, जबकि एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। बाद में पुलिस और बचाव दल की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
पानी भरते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब तीन से चार बजे के बीच कुएं की तराई का काम किया जा रहा था। इसके लिए मोटर की मदद से कुएं में पानी भरा जा रहा था।
इसी दौरान अचानक कुएं की दीवार कमजोर होकर ढह गई और आसपास की मिट्टी भी भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे के समय वहां मौजूद 41 वर्षीय अनसुइया जंघेला और उनकी 17 वर्षीय बेटी स्वाति जंघेला मलबे में दब गईं। दोनों को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा गिरने के कारण उन्हें समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका।
बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल
इस हादसे में 75 वर्षीय समनिया बाई जंघेला भी घायल हो गईं। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। उनकी हालत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन लगातार स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही बंडोल थाना पुलिस, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने पूरी रात मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी की।
रातभर चला बचाव अभियान
मलबा काफी ज्यादा होने के कारण बचाव कार्य आसान नहीं था। बचाव दल ने मशीनों और स्थानीय लोगों की मदद से लगातार रातभर अभियान चलाया।
करीब 12 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मां और बेटी के शव मलबे से बाहर निकाले जा सके। शव मिलने के बाद परिवार और गांव के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद हाल ही में बने इस कुएं की मजबूती और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण सही तरीके से हुआ होता, तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना की असली वजह सामने आएगी। यदि निर्माण में किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे गांव में मातम का माहौल है और लोग इस दर्दनाक घटना से सदमे में हैं।





