रविवार, अक्टूबर 18, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍

क्या है निजी संपत्ति का मामला, जिस पर सुप्रीम कोर्ट का आ गया फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा कि सरकार सभी निजी संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती, जब तक कि सार्वजनिक हित ना जुड़ रहे हों।

by Digital Desk
नवम्बर 5, 2024
in TOP NEWS, दिल्ली
Supreme Court
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में मंगलवार को गहमागहमी बनी हुई है। कोर्ट आज तीन मामलों पर अपना फैसला सुनाएगी। निजी संपत्ति के प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बड़ी बेंच ने अपने अहम फैसले में कहा कि सरकार सभी निजी संपत्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती, जब तक कि सार्वजनिक हित ना जुड़ रहे हो। कोर्ट के फैसले के बाद याचिकाकर्ता गदगद हैं।

9 जजों की बेंच ने की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में निजी संपत्ति को लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने 9 जजों की बेंच ने की। सुनवाई पूरी करने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगवार को जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने अपना फैसला सुना दिया। बहुमत के जरिए बेंच ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी है कि सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य सरकार अधिग्रहित नहीं कर सकती। राज्य उन संसाधनों पर दावा कर सकता है, जो सार्वजनिक हित के लिए हैं और समुदाय के पास हैं।

RELATED NEWS

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

सितम्बर 23, 2026
Reel Controversy: MNS कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, इन्फ्लुएंसर को कालिख पोती, सिर पर चप्पल रख क्यों मंगवाई माफी

Supreme court Arrest Rules :गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई तो कार्रवाई होगी गैरकानूनी, किससे लेनी होगी अनुमति

सितम्बर 21, 2026

पिछले फैसले को खारिज कर दिया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बहुमत से जस्टिस कृष्णा अय्यर के पिछले फैसले को भी खारिज कर दिया। जस्टिस अय्यर के पिछले फैसले में कहा गया था कि सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है। इसमें कहा गया था कि पुराना शासन एक विशेष आर्थिक और समाजवादी विचारधारा से प्रेरित था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साल 1978 के बाद के उन फैसलों को पलट दिया। जिसमें समाजवादी थीम को अपनाया गया था और फैसला सुनाया गया था कि राज्य आम भलाई के लिए सभी निजी संपत्तियों को अपने अधीन कर सकते हैं।

कुछ इस तरह से बोले सीजेआई चंद्रचूड़

सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि कुछ फैसले इस मामले गलत हैं, कि व्यक्ति के सभी निजी संसाधन समुदाय के भौतिक संसाधन हैं। कोर्ट की भूमिका आर्थिक नीति निर्धारित करना नहीं, बल्कि आर्थिक लोकतंत्र स्थापित करने की सुविधा प्रदान करना है। बता दें, चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूंड़ की अगुवाई वाली 9 जजों की बेंच दशकों पुराने इस विवाद पर सुनवाई कर चुकी है। चूंकि जस्टिस चंद्रचूड़ 10 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं, ऐसे में उन्होंने इस मामले पर अपना फैसला मंगलवार को सुना दिया।

महाराष्ट्र सरकार लेकर आई थी कानून

1976 में महाराष्ट्र की सरकार एक कानून लेकर आई। जिसका नाम था महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास कानून। नए कानून में यह प्रावधान किया गया कि वे इमारतें जो समय के साथ असुरक्षित होती जा रही हैं, लेकिन फिर भी वहां कुछ गरीब परिवार किरायेदार के तौर पर रह रहे हैं, उन्हें ‘मुंबई बिल्डिंग रिपेयर एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड’ को सेस (एक तरह का टैक्स) देना होगा। साल 1986 में महाराष्ट्र सरकार ने इस कानून में दो और संशोधन किए। इनमें से एक का मकसद जरुरतमंद लोगों को उन जमीनों और इमारतों का अधिग्रहण कर दे देना। दूसरे संशोधन में तय हुआ कि राज्य सरकार उन इमारतों और जमीनों का अधिग्रहण कर सकती है जिन पर सेस लगाया जा रहा है।

यह भी पढ़े: यूपी DGP की नियुक्ति में बदलाव, अब राज्य सरकार करेगी चयन, जानें पूरी प्रक्रिया

बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी

ये संशोधन मुंबई के उन मकान मालिकों को रास नहीं आया जिनको संपत्ति इसकी वजह से खोने का डर था। लिहाजा, उन्होंने 1976 के कानून में हुए संशोधन को मुंबई के ‘प्रॉपर्टी ऑनर्स एसोसिएशन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने फैसले में पाया कि समानता के अधिकार का हवाला देते हुए अनुच्छेद 39बी के तहत बने कानून को चुनौती नहीं दी जा सकती। आखिरकार, दिसंबर 1992 में एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया और हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की।

अब 9 जजों की बेंच ने सुनाया फैसला

2001 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के 5 जजों की पीठ ने सुनवाई की और इसे एक बड़ी बेंच के सामने भेज दिया। 7 जजों की बेंच ने भी अगले साल सुनवाई किया मगर वह भी इसे नियत मकाम पर नहीं पहुंचा सकी। फिर मामला 9 जजों को भेज दिया गया। आखिरकार, 9 जजों की संविधान पीठ जिसमें चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस हृषिकेश रॉय, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस सुधांशु धूलिया, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने 23 अप्रैल, 2024 से इस मामले को विस्तार से सुना और 5 नवंबर को अपना फैसला सुना दिया।

Tags: Chief Justice DY ChandrachudPrivate Property CaseSupreme Court
Share196Tweet123Share49

Digital Desk

Related Posts

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

Cancer Drug Price: 2,700 की दवा पर 27,000 की बिक्री ,सुप्रीम कोर्ट ने कहा दिन-दहाड़े लूट-खसोट का मामला

by Kirtika Tyagi
सितम्बर 23, 2026

कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में बड़े अंतर पर सुप्रीम कोर्ट...

Reel Controversy: MNS कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, इन्फ्लुएंसर को कालिख पोती, सिर पर चप्पल रख क्यों मंगवाई माफी

Supreme court Arrest Rules :गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई तो कार्रवाई होगी गैरकानूनी, किससे लेनी होगी अनुमति

by SYED BUSHRA
सितम्बर 21, 2026

Supreme Court Arrest Rules: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 21 सितंबर को गिरफ्तारी से जुड़े अहम नियम तय किए। कोर्ट ने...

GBU Student को नोटिस जारी करना पड़ा भारी, मजिस्ट्रेट सस्पेंड,सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

GBU Student को नोटिस जारी करना पड़ा भारी, मजिस्ट्रेट सस्पेंड,सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

by Kirtika Tyagi
सितम्बर 10, 2026

ग्रेटर नोएडा की गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन में शामिल होने के...

Defamation Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राहुल गांधी कोई VVIP नहीं, जल्द सुनवाई चाहिए तो प्रक्रिया अपनाएं

Defamation Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राहुल गांधी कोई VVIP नहीं, जल्द सुनवाई चाहिए तो प्रक्रिया अपनाएं

by SYED BUSHRA
सितम्बर 10, 2026

Rahul Gandhi Defamation Case Supreme Court: राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट...

Supreme Court CJP Protest Case

CJP Protest: छात्रों को नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट से मांगा जवाब

by SYED BUSHRA
सितम्बर 9, 2026

 Supreme Court CJP Protest Case:CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा एक छात्र...

Next Post
Chhath Puja पर इन खास मैसेज से अपनों को दें छठ महापर्व की शुभकामनाएं, जीत लोगे सबका दिल

Chhath Puja पर इन खास मैसेज से अपनों को दें छठ महापर्व की शुभकामनाएं, जीत लोगे सबका दिल

Kartik Aaryan

Kartik Aaryan : कार्तिक आर्यन ने पर्सनल लाइफ को लेकर तोड़ी चुप्पी, रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर किया बड़ा खुलासा

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In