UP Monsoon Update:उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से मानसून के कारण मौसम सुहावना बना हुआ था, लेकिन बुधवार को इसके तेवर कुछ नरम पड़ गए। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में मानसून की सक्रियता कम देखने को मिली। बारिश में कमी आने से दिन के समय उमस का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग ने 22 से 25 जुलाई के बीच मानसून की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना जताई है।
लखनऊ में तापमान सामान्य के आसपास
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक रहा। तापमान में अधिक बदलाव नहीं होने के बावजूद नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।
आज हल्की बारिश के आसार
पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को लखनऊ और आसपास के जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा।
क्यों धीमा पड़ा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। इसी सिस्टम के प्रभाव से बीते तीन-चार दिनों में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई थी। अब यह प्रणाली कमजोर होने के साथ मानसून की ट्रफ मध्य भारत की ओर खिसक गई है और अपनी सामान्य स्थिति के करीब पहुंच गई है। इसके कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कुछ दिनों के लिए कम हो गई हैं।
23 से 25 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि 23 से 25 जुलाई के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि इस दौरान व्यापक और तेज बारिश की संभावना कम है। पूर्वी और तराई क्षेत्रों में कहीं-कहीं सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश सीमित रहने के आसार हैं।
26 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 26 जुलाई से मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। कई इलाकों में मध्यम से भारी वर्षा होने के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों की नजर अगले दौर की बारिश पर
मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से किसानों की नजर अब अगले बारिश के दौर पर टिकी हुई है। धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए आने वाले दिनों की बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं शहरों में रहने वाले लोग भी गर्मी और उमस से राहत के लिए 26 जुलाई से शुरू होने वाले संभावित बारिश के नए दौर का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने लोगों को नियमित रूप से मौसम अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
