Abbas Ansari News: अब्बास अंसारी की जमानत पर मंडरा रहा खतरा, लखनऊ पुलिस की रिपोर्ट से बढ़ीं मुश्किलें

मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ विधायक अब्बास अंसारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लखनऊ पुलिस की रिपोर्ट में जमानत की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, जिससे उनकी जमानत रद्द हो सकती है।

Abbas Ansari

Abbas Ansari bail: मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की कानूनी मुश्किलें फिर बढ़ती दिख रही हैं। सुप्रीम कोर्ट से राहत पाने के बाद अब उनके खिलाफ लखनऊ पुलिस की रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब्बास न केवल कोर्ट में पेश नहीं हुए, बल्कि उन्होंने अपनी जानकारी भी छिपाई। ऐसे में लखनऊ पुलिस ने उनकी जमानत निरस्त करने की सिफारिश की है। यह रिपोर्ट चित्रकूट पुलिस को भेजी गई है और अब्बास अंसारी की राजनीतिक और कानूनी स्थिति को गंभीर चुनौती मिल सकती है।

जमानत की शर्तों का उल्लंघन

लखनऊ पुलिस की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि Abbas Ansari ने सशर्त जमानत मिलने के बाद भी कोर्ट में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हुए। वह केवल 5 मार्च को कोर्ट पहुंचे, लेकिन 17 मार्च, 24 मार्च, 7 अप्रैल, 21 अप्रैल और 5 मई की सुनवाइयों में गैरहाजिर रहे। लखनऊ की एसीजेएम तृतीय कोर्ट में उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला चल रहा है, जिसमें नियमित उपस्थिति जरूरी है।

इसके अलावा, हजरतगंज कोतवाली में उनके खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश के तहत भी मामला दर्ज है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जमानत के दौरान अब्बास को अपने मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी पुलिस को देनी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह शर्तों का सीधा उल्लंघन है।

रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

लखनऊ पुलिस द्वारा चित्रकूट पुलिस को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि अब्बास अंसारी लखनऊ की मेट्रो सिटी पेपर मिल कॉलोनी, निशातगंज में रहते थे और अब वह दारुलशफा के नए विधायक आवास में रह रहे हैं। पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है और उनके नजदीकी लोगों की भी निगरानी की जा रही है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2019 में उनके खिलाफ कूटरचित दस्तावेज और धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जबकि 2022 में शस्त्र अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। फरवरी 2024 में उन्हें सशर्त जमानत मिली थी, जिसे अब रद्द करने की सिफारिश की गई है।

क्या निरस्त हो जाएगी जमानत?

पुलिस की रिपोर्ट ने Abbas Ansari की कानूनी स्थिति को और पेचीदा बना दिया है। अगर कोर्ट रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए उनकी जमानत रद्द करता है, तो उन्हें फिर से हिरासत में लिया जा सकता है। ऐसे में उनकी राजनीतिक छवि और आगामी गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

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