Amroha temple dumper accident:उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया। रामायण पाठ के दौरान अचानक एक तेज रफ्तार डंपर मंदिर परिसर में घुस गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
रामायण पाठ के बीच हुआ हादसा
यह हादसा अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के कांठ मार्ग पर स्थित चक छावी गांव में हुआ। जानकारी के मुताबिक, गांव के मंदिर में श्रद्धालु रामायण पाठ कर रहे थे। पूरा माहौल भक्ति में डूबा हुआ था और लोग पूजा-पाठ में लगे थे। इसी दौरान कांठ मार्ग की तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार डंपर अचानक अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद डंपर सड़क किनारे बनी मंदिर की दीवार तोड़ते हुए सीधे अंदर जा घुसा।
डंपर की रफ्तार इतनी तेज थी कि मंदिर में बैठे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा परिसर हादसे की चपेट में आ गया।
मासूम समेत तीन लोगों की मौत
इस हादसे में परम सिंह, महिपाल और 5 साल के मासूम बच्चे आयरन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं चार अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे की वजह की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी। ग्रामीणों का कहना है कि कांठ मार्ग पर अक्सर भारी वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने और भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।




