Barabanki Road Accident: बेटे के शव पर चादर डालने पहुंचे पिता की निकली चीख, सीएचसी स्टाफ भी हुआ भावुक

बाराबंकी के हैदरगढ़ में सड़क हादसे में युवक अमन वाल्मीकि की मौत हो गई। सबसे दर्दनाक पल तब आया जब सीएचसी में कार्यरत पिता को ही शव पर चादर डालने बुलाया गया और उन्होंने अपने बेटे को पहचान लिया।

Barabanki Road Accident: लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद जो दृश्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैदरगढ़ में सामने आया, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

मृतक की पहचान कस्बा हैदरगढ़ के लोहिया वार्ड निवासी 23 वर्षीय अमन वाल्मीकि के रूप में हुई। अमन शुक्रवार को लखनऊ से अपने घर लौट रहा था। देर रात करीब आधी रात के समय गोतौना गांव के पास उसकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अमन गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की सहायता से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ पहुंचाया गया। यहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने नियमानुसार शव को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू की।

बेटे का चेहरा देखते ही फूट पड़ा पिता का दर्द

इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू तब सामने आया जब मृतक के पिता सुनील कुमार को शव पर चादर डालने के लिए बुलाया गया। सुनील कुमार सीएचसी हैदरगढ़ में स्वीपर के पद पर कार्यरत हैं और उस समय अस्पताल परिसर में ही विश्राम कर रहे थे।
अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें जगाकर अज्ञात युवक के शव पर चादर डालने को कहा। सुनील कुमार चादर लेकर शव के पास पहुंचे और जैसे ही उन्होंने युवक का चेहरा देखा, उनकी चीख निकल गई। अचानक उनकी आवाज सुनकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. जयशंकर पाण्डेय समेत अन्य कर्मचारी मौके पर दौड़ पड़े।

कुछ समय तक सुनील कुमार बदहवास अवस्था में रहे और कुछ भी बोल नहीं सके। बाद में उन्होंने बताया कि जिस युवक के शव पर वह चादर डालने आए थे, वह कोई और नहीं बल्कि उनका बेटा अमन था, जो लखनऊ स्थित अपनी ससुराल गया हुआ था और वहीं से लौट रहा था।

अस्पताल स्टाफ और परिवार में शोक की लहर

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में शोक का माहौल छा गया। सीएचसी के कर्मचारियों और अधिकारियों ने सुनील कुमार को संभालने का प्रयास किया, लेकिन बेटे की मौत का सदमा पूरे परिवार पर भारी पड़ गया। अमन की असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने शुरू की जांच

सूचना मिलने पर हैदरगढ़ कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। साथ ही अज्ञात वाहन की तलाश और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना करने वाले वाहन का पता लगाया जा सके।

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