Charbagh Station Accident: यात्री शेड गिरने के बाद रेलवे की बड़ी कार्रवाई, ठेकेदार पर 50 लाख का जुर्माना, तीन इंजीनियर निलंबित

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्री शेड गिरने के मामले में रेलवे ने सख्त कदम उठाए हैं। ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि तीन इंजीनियरों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है।

Charbagh Station Accident:लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्री शेड गिरने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित ठेकेदार पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

रेलवे ने मामले की गहराई से जांच कराने के लिए मुख्यालय स्तर पर तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई है। यह समिति हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी।

शुरुआती जांच में मिली लापरवाही

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में काम के दौरान गंभीर लापरवाही के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

PMC टीम को हटाया गया

घटना के बाद रेलवे ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) टीम को तुरंत काम से हटा दिया है। इसके अलावा रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के प्रोजेक्ट इंजीनियर को भी निलंबित कर दिया गया है।

लखनऊ मंडल में तैनात इंचार्ज वर्क्स सुपरवाइजर और सहायक अभियंता के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। रेलवे का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

जांच के लिए बनी हाईलेवल कमेटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे मुख्यालय के तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष जांच समिति बनाई गई है। यह समिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा नियमों के पालन और हादसे की असली वजह की जांच करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई होगी।

प्लेटफॉर्म 4 और 5 किए गए बंद

हादसे के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म 4 और 5 को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया। इन प्लेटफॉर्मों से रोजाना करीब 40 से 42 ट्रेनों का संचालन होता है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन प्लेटफॉर्मों पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को भी वहां तैनात किया गया। प्रभावित ट्रेनों को दूसरे प्लेटफॉर्मों से चलाया गया।

क्रेन की मदद से हटाया गया मलबा

शेड गिरने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। क्रेन की मदद से टूटे हुए ढांचे और मलबे को हटाया गया, ताकि रेल सेवाएं जल्द सामान्य हो सकें।

इस दौरान डीआरएम सुनील कुमार वर्मा और RLDA के मुख्य परियोजना प्रबंधक पावस यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कई वरिष्ठ कर्मचारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी राहत कार्य में जुटे रहे।

जीएम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि जांच जल्द पूरी की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। रेलवे प्रशासन ने दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।18 शब्दों की रीमिक्स हेडलाइन:
चारबाग स्टेशन हादसे के बाद रेलवे सख्त, ठेकेदार पर भारी जुर्माना और तीन इंजीनियरों पर कार्रवाई।

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