Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राजधानी Lucknow में आयोजित ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ कार्यक्रम में शहर की सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस स्थान पर कभी कूड़े के ढेर लगा करते थे, आज वहां ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ विकसित किया गया है। उन्होंने इसे बदलते उत्तर प्रदेश और नए लखनऊ की पहचान बताया।
“सफाई केवल अभियान नहीं, जनभागीदारी का आंदोलन”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह जनभागीदारी का अभियान है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लखनऊ ने सफाई, सौंदर्यीकरण और शहरी विकास के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। शहर में आधुनिक कूड़ा प्रबंधन, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम और सफाई कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से शहर लगातार स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने आसपास सफाई बनाए रखने में सहयोग करें।
पुराने कूड़ा स्थलों का बदला गया स्वरूप
CM योगी ने कहा कि पहले जिन जगहों पर गंदगी और कूड़े के ढेर दिखाई देते थे, आज वहां सुंदर पार्क, स्मारक और प्रेरणा स्थल बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों को व्यवस्थित, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाना भी है।
उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए सड़क, यातायात, हरित क्षेत्र और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।
विकास और विरासत दोनों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी संरक्षित करने का काम कर रही है। लखनऊ की पहचान उसकी तहजीब, संस्कृति और स्वच्छ वातावरण से जुड़ी है। ऐसे में शहर को देश के सबसे बेहतर और रहने योग्य शहरों में शामिल करना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में नगर विकास विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता से जुड़े कई अभियानों और परियोजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि आने वाले समय में लखनऊ देश के मॉडल शहरों में शामिल होगा।
