Drunk Driving New Rule:Uttar Pradesh में अब शराब पीकर गाड़ी चलाना लोगों को भारी पड़ सकता है। सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार ने ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामलों में कड़ी कार्रवाई का फैसला लिया है। अब केवल चालान काटकर छोड़ने की जगह, नशे में वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
यातायात निदेशालय ने इस संबंध में 21 मई को सभी पुलिस उपायुक्त यातायात को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सख्ती के बाद लिया गया है।
बिना वारंट होगी गिरफ्तारी
नई व्यवस्था के तहत अगर कोई चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो पुलिस उसे मौके पर ही हिरासत में ले सकेगी। इसके लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 203(4) का इस्तेमाल किया जाएगा।
इस नियम के तहत पुलिस को बिना वारंट कार्रवाई करने का अधिकार होगा। यानी अब ड्रंक एंड ड्राइविंग में पकड़े गए लोग सिर्फ जुर्माना देकर नहीं बच पाएंगे।
हर सप्ताह चलेगा अभियान
यातायात विभाग ने बताया कि विशेष जांच अभियान हर शनिवार और रविवार को चलाया जाएगा। यह अभियान रात 8 बजे से 11 बजे तक चलेगा। पुलिस की टीमें बाजारों, हाईवे और टोल प्लाजा के आसपास चेकिंग करेंगी।
हाल ही में चार दिनों के अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में 5,143 लोग शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े गए थे। इसके बाद सरकार ने और ज्यादा सख्ती करने का फैसला लिया।
ऐसे होगी जांच और कार्रवाई
नशे में वाहन चलाने वालों की पहचान के लिए पुलिस कई तरीकों का इस्तेमाल करेगी। बैरिकेडिंग लगाकर ड्राइवर के व्यवहार और शारीरिक लक्षणों की जांच की जाएगी।
अगर जांच में 3 से 100 ग्राम तक शराब की पुष्टि होती है, तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि कोई चालक टेस्ट कराने से मना करेगा, तो पुलिस उसका ब्लड टेस्ट भी करा सकेगी।
नशे में पाए जाने पर ड्राइवर को मौके पर हिरासत में लिया जाएगा। साथ ही उसकी गाड़ी भी जब्त कर ली जाएगी। यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए कैब की व्यवस्था की जाएगी।
पहली और दूसरी गलती पर जुर्माना
पहली बार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर यह जुर्माना 15 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।
परिवहन विभाग पर भी सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करने में परिवहन विभाग की भूमिका पहले कमजोर रही है। केवल Lucknow में पिछले साल ड्रंक एंड ड्राइविंग के सिर्फ 13 चालान किए गए थे।
अब सरकार चाहती है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए सख्त और लगातार कार्रवाई की जाए ताकि लोगों में कानून का डर बना रहे और सड़कें सुरक्षित हो सकें।









