Teacher Day 2026: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की तर्ज पर अब शिक्षक दिवस को भी पौधारोपण से जोड़ने की तैयारी है। 5 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान के तहत विशेष पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम पौधारोपण महायज्ञ-2026 के तहत वर्ष का अंतिम विशेष थीम आधारित पौधारोपण अभियान होगा। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण को गुरु-शिष्य परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
‘गुरु वाटिका’ विकसित करने की पहल
वन विभाग ने इस अभियान को पूरे वर्ष चलाए गए अलग-अलग थीम आधारित पौधारोपण कार्यक्रमों की अगली कड़ी के रूप में तैयार किया है। अभियान के तहत शिक्षक दिवस पर लगाए गए पौधों को गुरुजनों के सम्मान की भावना से जोड़ते हुए ‘गुरु वाटिका’ विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इस पहल में विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम लोगों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण के लिए भी लोगों को जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करना है।
पहले भी अलग-अलग थीम पर हुआ पौधारोपण
पौधारोपण महायज्ञ के तहत पर्यावरण संरक्षण को अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक अवसरों से जोड़ा गया है। इससे पहले महार्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन और ऊर्जा वन जैसे थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसके अलावा एक्सप्रेस-वे और नदियों के किनारे ‘अविरल धारा वन’ तथा ‘वंदे मातरम वाटिका’ भी इसी श्रृंखला का हिस्सा रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक वन प्रभाग में ‘भाई-बहन पौधारोपण’ कार्यक्रम भी कराया गया था।
पौधों के संरक्षण पर भी रहेगा जोर
वन विभाग की इस पहल में पौधारोपण के साथ पौधों की देखभाल और संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। लोगों को यह समझाने की कोशिश होगी कि पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ से शुरू हुई भावनात्मक पौधारोपण की अवधारणा अब भाई-बहन के स्नेह और गुरु-शिष्य के सम्मान तक पहुंच रही है। 5 सितंबर का कार्यक्रम इस वर्ष के विशेष थीम आधारित पौधारोपण अभियानों का समापन करेगा और पर्यावरण के साथ सामाजिक मूल्यों को जोड़ने का संदेश देगा।









