Bus Accident: एटा में हुए भीषण सड़क हादसे में फर्रुखाबाद के तीन युवकों की दर्दनाक मौत, मचा कोहराम, कई अन्य घायल

एटा में रोडवेज बस और कैंटर की टक्कर में फर्रुखाबाद के तीन युवकों की मौत हो गई। सभी दिल्ली लौट रहे थे। हादसे के बाद परिवारों में मातम छा गया, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए।

Farrukhabad Roadways Bus Accident

Farrukhabad Roadways Bus Accident: फर्रुखाबाद जिले के तीन परिवारों पर गुरुवार रात दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एटा जिले के बागवाला क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जिले के तीन युवकों की जान चली गई। जैसे ही हादसे की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक फैल गया। परिजन तुरंत एटा के लिए रवाना हो गए।

राजेश कश्यप की मौके पर मौत

नवाबगंज क्षेत्र के दौलतपुर गांव निवासी 38 वर्षीय राजेश कश्यप दिल्ली के गोविंद नगर में सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह तीन दिन पहले ही गांव आए थे। गुरुवार शाम को वह पत्नी पूनम, बेटे हर्ष, बेटी प्रज्ञा और भाई अवधेश के साथ रोडवेज बस से दिल्ली लौट रहे थे।

राजेश के भाई अवधेश ने बताया कि कीलरमऊ गांव के पास बस खराब हो गई थी। तेज गर्मी होने के कारण कई यात्री बस से उतरकर उसके पीछे खड़े हो गए। तभी पीछे से तेज रफ्तार कैंटर ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अवधेश ने समय रहते छलांग लगाकर अपनी जान बचा ली।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

राजेश की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी पूनम और मां राम बेटी बेसुध हो गईं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

शैलेश भी नहीं लौट सके घर

उमरपुर गांव के रहने वाले 35 वर्षीय शैलेश भी उसी बस में सवार थे। हादसे के समय वह भी बस के पीछे खड़े थे। शैलेश दिल्ली की एक फैक्ट्री में नौकरी करते थे और तीन दिन पहले ही अपने गांव आए थे।

उनकी पत्नी चांदनी अपनी चार साल की बेटी परी के साथ दिल्ली में रहती हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही वह रिश्तेदारों के साथ एटा के लिए रवाना हो गईं। शैलेश अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। बेटे की मौत से माता कमला देवी और पिता जोगराज पूरी तरह टूट गए। जोगराज भी अन्य लोगों के साथ एटा पहुंच गए।

नामकरण समारोह से लौट रहे थे सुखराम

इस हादसे में जान गंवाने वाले तीसरे युवक सुखराम थे। वह अपने भतीजे के नामकरण संस्कार में शामिल होने तीन दिन पहले गांव बबुरी (नौगांव) आए थे। गुरुवार शाम को वह गाजियाबाद लौट रहे थे, जहां वह सब्जी की रेहड़ी लगाकर अपना गुजारा करते थे।

सुखराम अविवाहित थे और पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी मौत से माता फूल कली, पिता राजपाल, बहन रोली और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

कई लोग घायल, परिवार पहुंचे एटा

इस हादसे में नवाबगंज क्षेत्र के कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही उनके परिवार भी एटा के लिए रवाना हो गए। एक ही हादसे में तीन युवकों की मौत से पूरे इलाके में गहरा शोक है और हर कोई पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल है।

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