Aarav Murder Case: डेढ़ साल के मासूम की पटक पटक कर हत्या करने वाले को कोर्ट ने 40 दिन में सुनाई मौत की सजा

फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इसे दुर्लभ से दुर्लभतम मामला माना और 40 दिनों में फैसला सुनाया।

Firozabad Aarav Murder Case

Firozabad Aarav Murder Case: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि यह मामला ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी में आता है, इसलिए आरोपी को सबसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने की उम्मीद पूरी हुई।

सबूत और गवाह बने फैसले की वजह

शुक्रवार दोपहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की जांच, उपलब्ध सबूतों और गवाहों के बयानों का विस्तार से अध्ययन किया। सभी तथ्यों को देखने के बाद जिला जज इस नतीजे पर पहुंचे कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त और मजबूत प्रमाण मौजूद हैं। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।

फैसला सुनते ही टूट गया आरोपी

जैसे ही अदालत में जज ने मौत की सजा का फैसला सुनाया, आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक घबरा गया। वह अपना संतुलन खो बैठा और कोर्ट रूम में ही खुद को बार-बार थप्पड़ मारने लगा। अदालत में मौजूद लोगों ने यह पूरा घटनाक्रम देखा। फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

सिर्फ 40 दिनों में पूरी हुई कानूनी कार्रवाई

इस मामले की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया दोनों ने तेजी से काम किया। घटना के बाद पुलिस ने कम समय में जांच पूरी की, जरूरी सबूत जुटाए और समय पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद अदालत ने भी बिना देरी के सुनवाई पूरी की। नतीजा यह रहा कि घटना के केवल 40 दिनों के भीतर आरोपी को दोषी ठहराकर सजा सुना दी गई। इसे तेज और प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

पीड़ित परिवार को मिला इंसाफ

आरव की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। इस घटना के बाद लोगों में काफी गुस्सा था और सभी आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे। अब अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि ऐसे मामलों में जल्द न्याय मिलने से अपराधियों में कानून का डर बढ़ेगा और समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा।

Exit mobile version