फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में पुलिस की कार्रवाई के बाद 28 वर्षीय गर्भवती महिला अंजलि की मौत का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पति को हिरासत में लेने पहुंची पुलिस को रोकने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने अंजलि के पेट पर लात मारी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पति को पूछताछ के लिए ले गई पुलिस
मामला शिकोहाबाद के लभुआ गांव का है। यहां एक परचून की दुकान में चोरी की घटना हुई थी। इसी मामले में पुलिस रविवार रात करीब पौने 12 बजे गौरव को पूछताछ के लिए उसके घर से ले जाने पहुंची थी। परिवार का दावा है कि गौरव का नाम एफआईआर में नहीं था।
परिजनों के मुताबिक, करीब साढ़े आठ महीने की गर्भवती अंजलि पति को साथ ले जाने से रोकने के लिए पुलिस के सामने आ गई। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ धक्का-मुक्की हुई और एक पुलिसकर्मी ने उसके पेट पर लात मार दी। महिला जमीन पर गिर गई और इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत
तबीयत खराब होने पर परिजन अंजलि को अस्पताल लेकर पहुंचे। सोमवार सुबह उसने एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसकी हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद उसे फिरोजाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों के मुताबिक, नवजात बच्चे की हालत भी गंभीर है और उसे इलाज के लिए आगरा भेजा गया है। महिला की मौत की खबर मिलने के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। परिजन और ग्रामीण शिकोहाबाद थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
छह पुलिसकर्मी निलंबित
मामला सामने आने के बाद एसएसपी आदित्य लांघे ने शिकोहाबाद थाने में तैनात 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इनमें 2 उप निरीक्षक, 2 मुख्य आरक्षी और 2 सिपाही शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी भी दी है।
हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में कथित मारपीट या धक्का देने की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम में भी महिला के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसलिए महिला की मौत की वास्तविक वजह और पुलिस की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कार्रवाई की मांग पर प्रदर्शन
महिला की मौत के बाद मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने घटना पर सवाल उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है। वहीं सपा नेताओं ने भी शिकोहाबाद थाने में प्रदर्शन कर पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।









