Gorakhpur Crime: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के झंगहा थाना क्षेत्र स्थित दुबौली गांव में रविवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सहन की जमीन के मामूली विवाद में 38 वर्षीय पंकज निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पट्टीदारी के बीच लंबे समय से चली आ रही रंजिश ने आज हिंसक रूप ले लिया। चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपी पक्ष ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग की। खुद को घिरता देख पंकज अपनी जान बचाने के लिए घर की ओर भागा, लेकिन हमलावरों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने घर के दरवाजे तक पीछा किया और पेट में गोली मार दी। पुलिस ने घायल को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुरानी रंजिश और सुलह की नाकाम कोशिश
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, विवाद घर के सामने की जमीन (सहन) को लेकर था। बताया जा रहा है कि लगभग छह महीने पहले दोनों पक्षों के बीच स्थानीय स्तर पर सुलह-समझौता भी हुआ था, लेकिन मनमुटाव खत्म नहीं हुआ। आरोपी रामजतन निषाद का पक्ष लगातार धमकियां दे रहा था। इस विवाद की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पूर्व पंकज के छोटे भाई पर भी कुदाल से जानलेवा हमला किया गया था। रविवार सुबह 9 बजे के करीब तनाव चरम पर पहुंच गया और लाइसेंसी हथियार से दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम दिया गया।
वारदात के बाद फरार हुए आरोपी
Gorakhpur हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी रामजतन निषाद अपने परिवार के साथ गाड़ी में सवार होकर गांव से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष अनूप सिंह के साथ भारी पुलिस बल और कई चौकियों के प्रभारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से बंदूक के दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
तनाव को देखते हुए गांव में Gorakhpur पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी और अन्य आला अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने कानून-व्यवस्था और लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









