Site icon News1India

Suicide: पति-पत्नी के विवाद में टूटा परिवार, रिश्तों की दूरी ने छीनी जिंदगी, मासूम बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़

Husband Wife Dispute: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां पारिवारिक तनाव और पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद ने एक परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। पत्नी के मायके में रहने और लगातार चल रही अनबन से परेशान युवक ने आखिरकार अपनी जिंदगी खत्म कर ली। इस घटना के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है, जबकि तीन छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक की पहचान इंतजार के रूप में हुई है। वह काम के सिलसिले में कश्मीर में रहता था। उसकी पत्नी फातिमा अपने तीन बच्चों के साथ बिजनौर के दारानगर स्थित घर में परिवार के अन्य लोगों के साथ रहती थी। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले इंतजार अपने ससुर की मौत की खबर मिलने पर घर वापस आया था। घर आने पर उसे पता चला कि उसकी पत्नी फातिमा बच्चों को ससुराल में छोड़कर मायके में जाकर रहने लगी है।

परिवार के लोगों के मुताबिक, इंतजार अपनी पत्नी को वापस लाने की लगातार कोशिश कर रहा था। वह कई बार खुद फातिमा के मायके गया और उसे साथ चलने के लिए समझाया, लेकिन हर बार फातिमा ने लौटने से इनकार कर दिया। पत्नी का कहना था कि घर चलाने के लिए उसे पर्याप्त पैसे नहीं मिलते थे और उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वहीं इंतजार का दावा था कि वह अपनी पूरी कमाई पत्नी को ही भेजता था।

बताया जा रहा है कि पत्नी के लगातार मना करने के बाद इंतजार काफी परेशान रहने लगा था। वह चुपचाप रहने लगा था और मानसिक रूप से टूट चुका था। परिवार वालों ने भी उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अंदर ही अंदर तनाव में जी रहा था।

सोमवार शाम को यह दुखद घटना सामने आई। उसकी आठ साल की बेटी चाय लेकर कमरे में गई तो उसने पिता को पंखे के हुक से लटका देखा। यह देखकर बच्ची जोर-जोर से चीखने लगी। आवाज सुनकर घर के बाकी लोग कमरे में पहुंचे और तुरंत उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बिजनौर के शहर कोतवाल रामप्रताप सिंह ने बताया कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी वजह से इंतजार मानसिक तनाव में था और काम पर वापस भी नहीं जा पा रहा था। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव किस तरह लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाल रहे हैं। सबसे ज्यादा दर्द उन मासूम बच्चों के हिस्से आया है, जिन्होंने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया।

Exit mobile version