JPNIC Private Handover: लखनऊ के गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को अब निजी हाथों में सौंपने की तैयारी तेज हो गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सेंटर को दोबारा शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें JPNIC को मौजूदा स्थिति यानी ‘जैसा है, जहां है’ के आधार पर निजी संस्था को देने की बात कही गई है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसके संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अखिलेश का Dream Project
JPNIC को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जाता है। इसका उद्घाटन अखिलेश यादव ने वर्ष 2017 में किया था, हालांकि उस समय सेंटर का निर्माण पूरी तरह पूरा नहीं हुआ था। उद्घाटन के बाद से ही यह सेंटर लगभग बंद पड़ा है। लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होने के कारण अब इसके कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं और महंगे उपकरण भी खराब हालत में पहुंच गए हैं।
स्विमिंग पूल बदहाल
करीब 864.99 करोड़ रुपये की लागत से तैयार JPNIC में बना इंटरनेशनल स्विमिंग पूल भी लंबे समय से बंद है। पूल में काई जम चुकी है, जबकि खिलाड़ियों के बैठने के लिए रैंप पर लगाई गई विदेशी लकड़ी गायब हो गई है। परिसर में जगह-जगह टाइल्स टूट गई हैं। लोहे और एल्यूमीनियम के पोल में भी जंग लग चुकी है। ऐसे में LDA खुद पूरे परिसर को ठीक कराने के बजाय निजी संस्था के जरिए इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
₹100 करोड़ के उपकरण खराब
JPNIC में अलग-अलग कंपनियों ने विद्युत और आधुनिक तकनीकी उपकरण लगाए थे। इनमें करीब 60 फीसदी उपकरण विदेशी और महंगे बताए जाते हैं। कई लाइट और स्पीकर की कीमत लाखों रुपये तक है। लंबे समय तक बंद रहने से चूहों ने वायरिंग काट दी और बारिश का पानी अंदर जाने से कई उपकरण खराब हो गए। करीब 100 करोड़ रुपये कीमत वाले इन उपकरणों की दो साल की गारंटी-वारंटी भी अब खत्म हो चुकी है।
लागत में बड़ा इजाफा
JPNIC का निर्माण 2013 में करीब 265.58 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था। 2014 में परियोजना की लागत बढ़कर 615.44 करोड़ रुपये हो गई। इसके बाद 2015 में करीब 142 करोड़ और 2016 में लगभग 107 करोड़ रुपये जोड़े गए। इस तरह परियोजना की कुल लागत बढ़कर 864.99 करोड़ रुपये पहुंच गई। अब शासन की मंजूरी के बाद निजी संस्था को सेंटर सौंपने की शर्तें और संचालन मॉडल तय किया जाएगा। LDA वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक, सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और अब अंतिम निर्णय शासन स्तर पर होना है।









