उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ ने अपने सभी 18 हॉस्टल मेस में नॉनवेज भोजन पकाने और परोसने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के हालिया निरीक्षण के बाद लिया गया। हालांकि छात्रों की व्यक्तिगत खानपान की पसंद पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। वे हॉस्टल के बाहर या ऑनलाइन फूड डिलीवरी के जरिए नॉनवेज भोजन मंगा सकते हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार निरीक्षण के दौरान कुछ हॉस्टल मेस में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। साथ ही दो मेस में एक्सपायर्ड मसालों के इस्तेमाल की शिकायत भी सामने आई। इसके बाद डीन स्टूडेंट वेलफेयर और चीफ प्रॉक्टर की सहमति से हॉस्टल मेस में केवल शाकाहारी भोजन परोसने का निर्णय लिया गया। राज्यपाल ने भोजन की गुणवत्ता सुधारने, स्वच्छता बनाए रखने और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
छात्रों के लिए नई सुविधाएं भी मिलेंगी
निरीक्षण के दौरान सभी हॉस्टलों में वॉशिंग मशीन और रोटी बनाने की मशीन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और छात्र सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में शामिल है KGMU
1905 में स्थापित KGMU देश के सबसे पुराने सरकारी मेडिकल संस्थानों में शामिल है। यहां MBBS, BDS, MD, MS, DM, M.Ch, B.Sc नर्सिंग, M.Sc नर्सिंग, पैरामेडिकल और सुपर स्पेशियलिटी समेत कई पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अनुसार 2026-27 सत्र में यहां 250 MBBS और 70 BDS सीटें उपलब्ध हैं।
कैसे मिलता है एडमिशन?
MBBS और BDS में प्रवेश NEET UG के माध्यम से होता है, जबकि MD-MS के लिए NEET PG और DM-M.Ch के लिए NEET SS अनिवार्य है। सरकारी संस्थान होने के कारण MBBS की वार्षिक ट्यूशन फीस लगभग 54,900 रुपये है, जो निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी कम मानी जाती है।









