Lucknow Coaching Centre Fire Tragedy: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग और ट्रेनिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, कुछ लोगों के अभी भी इमारत के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के साथ-साथ इमारत के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी
प्रशासन के अनुसार, आग जिस इमारत में लगी है वहां एक आईटी ट्रेनिंग सेंटर और कंप्यूटर कोर्स से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती थीं। घटना के समय कई छात्र और कर्मचारी अंदर मौजूद थे।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा किया और बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ऊपरी मंजिल पर फिलहाल कोई व्यक्ति नहीं मिला है। पहली मंजिल की दीवार तोड़कर बचाव दल अंदर पहुंचा है। धुआं काफी अधिक होने के कारण एक-एक कमरे की सावधानी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी मौके पर तैनात किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया हाल
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे की भयावह तस्वीर सामने रखी। स्थानीय निवासी अमन ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो इमारत से घना धुआं निकल रहा था। उन्होंने और अन्य लोगों ने मिलकर पांच से छह लोगों को बाहर निकाला। अमन के मुताबिक, आग लगने के बाद एक व्यक्ति जान बचाने के लिए इमारत से नीचे कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि हादसे के दौरान अंदर मौजूद लोगों में काफी अफरा-तफरी थी।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा है। साथ ही प्रशासन को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जांच के बाद सामने आएगी वजह
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद विशेषज्ञ टीम जांच करेगी कि हादसा किन कारणों से हुआ। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पूरे शहर की नजर अब राहत कार्यों और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।


