Lucknow-Kanpur Highway Toll Hike: अत्याधुनिक सुविधाओं और बेहतर तकनीक के साथ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू हुए अभी महज एक सप्ताह ही हुआ है। इसी बीच कानपुर-लखनऊ हाईवे यानी एनएच-27 पर सफर करने वाले वाहन चालकों को टोल बढ़ोतरी का झटका लगा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की लखनऊ यूनिट ने हाईवे पर टोल दरों में 30 रुपये तक की वृद्धि की है। नई दरें सोमवार रात 12 बजे से लागू कर दी जाएंगी। खास बात यह है कि एनएचएआई के इतिहास में यह पहली बार बताया जा रहा है, जब एक ही वित्तीय वर्ष के दौरान किसी हाईवे पर दूसरी बार टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है।
हर साल मार्च में होती थी वार्षिक बढ़ोतरी
अब तक एनएचएआई की ओर से टोल दरों में वार्षिक संशोधन आमतौर पर 31 मार्च की रात 12 बजे के बाद किया जाता रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी 31 मार्च को टोल दरों में पांच से 45 रुपये तक की वृद्धि की गई थी। हालांकि, उस समय कारों के टोल में कोई बदलाव नहीं किया गया था। दूसरी ओर, हल्के कामर्शियल वाहनों से लेकर बस, ट्रक और भारी वाहनों तक के टोल में पांच से 45 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी। अब एक बार फिर दरें बढ़ने से वाहन चालकों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
मंत्रालय से मंजूरी के बाद लागू हुई नई दरें
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (पीडी) नकुल वर्मा के अनुसार, कानपुर-लखनऊ हाईवे पर टोल शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा गया था। मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद नई दरें लागू करने का फैसला लिया गया। इस बार कार से लेकर बड़े और ओवरसाइज वाहनों तक टोल में अधिकतम 30 रुपये की वृद्धि की गई है। बढ़ी हुई दरों के अनुसार अब वाहन चालकों को नवाबगंज टोल प्लाजा पर पहले की तुलना में ज्यादा शुल्क देना होगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ा है टोल बढ़ाने का तर्क
टोल बढ़ाने के पीछे एनएचएआई की ओर से एक्सप्रेसवे के संचालन को भी एक वजह बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ की तरफ से बनी तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के करीब 18 किलोमीटर हिस्से पर वाहन चालक फिलहाल बिना टोल के सफर कर रहे हैं। इसके बाद बनी के पास पहुंचकर वाहन सर्विस रोड के जरिए कानपुर-लखनऊ हाईवे पर जुड़ जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में करीब 102 करोड़ रुपये की लागत से हाईवे पर ओवरले का काम कराने के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी बेहतर किया गया है। ऐसे में अब संशोधित टोल दरें लागू की जा रही हैं।
मासिक पास भी हुआ महंगा, वाहन के हिसाब से बढ़ी दर
चालू वित्तीय वर्ष में मासिक पास की कीमतों में भी वाहन के आकार के अनुसार बढ़ोतरी की गई है। पहले मासिक पास की दरों में न्यूनतम 80 रुपये और अधिकतम 520 रुपये तक की वृद्धि हुई थी। अब इसमें 10 रुपये का अतिरिक्त टोल शुल्क भी जोड़ा गया है। इसके बाद मासिक पास की न्यूनतम कीमत 90 रुपये और अधिकतम कीमत 560 रुपये तक पहुंच गई है। इससे नियमित रूप से हाईवे का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जानिए अब किस वाहन को कितना टोल देना होगा
नई दरों के मुताबिक कार के लिए एक तरफ का टोल 95 रुपये से बढ़कर 100 रुपये और आना-जाना 145 रुपये से बढ़कर 150 रुपये हो गया है। हल्के कामर्शियल वाहनों का सिंगल यात्रा शुल्क 155 से बढ़कर 160 रुपये और आना-जाना 235 से 245 रुपये हो गया है। बस और ट्रक का टोल 330 से बढ़कर 340 रुपये, जबकि दोनों तरफ का शुल्क 495 से 510 रुपये हो गया है। थ्री एक्सल कामर्शियल वाहनों के लिए सिंगल यात्रा शुल्क 370 रुपये और आना-जाना 555 रुपये होगा। चार से छह एक्सल वाले वाहनों का टोल 535 रुपये और आना-जाना 800 रुपये हो गया है। वहीं, सात या उससे अधिक एक्सल वाले ओवरसाइज वाहनों को एक तरफ 650 रुपये और आना-जाना 975 रुपये चुकाने होंगे।
