Road Rage : लोन रिकवरी के नाम सड़क पर दबंगई, बीच सड़क परिवार को रोका, बुजुर्ग से की मारपीट, महिलाओं से बदसलूकी

लखनऊ में लोन रिकवरी के नाम पर परिवार से मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, तीन फरार हैं। घटना ने रिकवरी एजेंटों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

: Lucknow Loan Recovery Assault Case

Road Rage in Lucknow: लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बाराबंकी निवासी राशिद अपने ससुर जियाउर रहमान को हज हाउस छोड़ने जा रहे थे। परिवार स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार था। जैसे ही उनकी गाड़ी शहीद पथ पर पहुंची, पीछे से आ रही एक सफेद टाटा पंच में बैठे कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। अचानक हुई इस घटना से परिवार घबरा गया।

जबरन गाड़ी रुकवाई गई

टक्कर मारने के बाद आरोपियों ने गाड़ी के शीशों पर कुछ फेंका और जबरदस्ती स्कॉर्पियो रुकवा ली। गाड़ी रुकते ही 4 से 5 युवक नीचे उतरे और उन्होंने गाड़ी के दरवाजे खोल दिए। इससे पहले कि परिवार कुछ समझ पाता, हालात बिगड़ गए।

बुजुर्ग के साथ मारपीट

आरोप है कि युवकों ने राशिद के ससुर जियाउर रहमान के साथ हाथापाई की। इतना ही नहीं, उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। बीच सड़क पर इस तरह की हरकत से परिवार के लोग डर गए। खासकर बुजुर्ग के साथ ऐसा व्यवहार बेहद शर्मनाक माना जा रहा है।

महिलाओं से अभद्रता

गाड़ी में बैठी महिलाओं के साथ भी आरोपियों ने बदसलूकी की। इस घटना से महिलाएं बुरी तरह सहम गईं। सड़क पर लोगों की आवाजाही के बीच हुई इस हरकत ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।

पुलिस ने दो को पकड़ा

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक 4-5 आरोपियों में से तीन युवक वहां से भाग चुके थे। हालांकि पुलिस ने दो युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र सिंह के अनुसार, यह मामला गाड़ी के लोन की बकाया किस्तों से जुड़ा हुआ है।

रिकवरी एजेंट निकले आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रिकवरी एजेंट थे। वे गाड़ी की किस्त वसूलने के लिए आए थे। पकड़े गए दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है, जबकि फरार तीन युवकों की तलाश जारी है।

कानून के खिलाफ हरकत

लोन वसूली के नाम पर इस तरह की जबरदस्ती करना पूरी तरह गैरकानूनी है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, रिकवरी एजेंट किसी भी हालत में मारपीट या बदसलूकी नहीं कर सकते। इस घटना ने एजेंटों के बढ़ते हौसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जवाबदेही का सवाल

अब बड़ा सवाल यह है कि इन रिकवरी एजेंटों को किस एजेंसी ने भेजा था और क्या उस एजेंसी पर भी कार्रवाई होगी। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।

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