Uttar Pradesh: योगी सरकार का बड़ा प्लान, चारबाग बनेगा दिल्ली के राजीव चौक जैसा इंटरचेंज

Lucknow में मेट्रो विस्तार का बड़ा प्लान तैयार किया गया है। चारबाग से वसंतकुंज तक करीब 11 किलोमीटर लंबे नए रूट पर 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना से पुराने शहर को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के साथ मेडिकल कॉलेज और प्रमुख इलाकों तक सफर आसान होगा।

Uttar Pradesh की योगी सरकार सड़क और एक्सप्रेसवे के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन को भी लगातार मजबूत करने में जुटी है। इसी कड़ी में Lucknow मेट्रो के विस्तार को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है, जो पुराने शहर के हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

सरकार ने लखनऊ मेट्रो के फेज-1B यानी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को पुराने लखनऊ तक विस्तार देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस नए रूट की लंबाई करीब 11 किलोमीटर होगी और इसमें कुल 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।

चारबाग बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज

सरकार की योजना है कि Charbagh Railway Station को दिल्ली के राजीव चौक की तर्ज पर विकसित किया जाए। चारबाग को शहर का सबसे बड़ा मेट्रो इंटरचेंज बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को अलग-अलग रूट्स पर आसानी से सफर करने की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अगुवाई में इस परियोजना पर मंथन तेज हो गया है। इसे लखनऊ मेट्रो का सबसे अहम और गेम चेंजर फेज माना जा रहा है क्योंकि यह शहर के सबसे घनी आबादी वाले और ट्रैफिक प्रभावित इलाकों से होकर गुजरेगा।

11 किलोमीटर में बनेंगे 12 स्टेशन

इस रूट पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें 7 स्टेशन अंडरग्राउंड और 5 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। घनी आबादी और जगह की कमी को देखते हुए अधिकतर हिस्सा भूमिगत बनाया जाएगा।

प्रस्तावित रूट चारबाग से शुरू होकर वसंतकुंज तक जाएगा। इस दौरान बांसमंडी, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, केजीएमयू चौराहा, नवाजुद्दीन हैदर रोड, ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंतकुंज जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ा जाएगा।

कौन से स्टेशन होंगे अंडरग्राउंड?

अंडरग्राउंड स्टेशनों में गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, केजीएमयू चौराहा और नवाजुद्दीन हैदर रोड शामिल हैं।

वहीं ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंतकुंज में एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे।

मेडिकल कॉलेज जाने वालों को बड़ी राहत

इस नए मेट्रो रूट का सबसे बड़ा फायदा मेडिकल सेवाओं से जुड़े लोगों और मरीजों को मिलेगा। यह रूट सीधे तौर पर King George’s Medical University, बलरामपुर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को जोड़ने का काम करेगा।

फिलहाल इन इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है, लेकिन मेट्रो शुरू होने के बाद लोगों का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना पुराने और नए लखनऊ को बेहतर तरीके से जोड़कर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगी।

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