लखनऊ में मुहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा हादसा, बालकनी गिरने से दो मासूम बच्चों की मौत, कई घायल

लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में मुहर्रम जुलूस के दौरान बालकनी गिरने से बड़ा हादसा हो गया। दो बच्चों की मौत और करीब 10 लोग घायल हो गए। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है तथा राहत कार्य जारी है।

Lucknow Muharram Balcony Collapse:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र के महोना कस्बे में शुक्रवार को मुहर्रम जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। श्रद्धालुओं के लिए शरबत और भोजन वितरण के दौरान एक मकान की बालकनी अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और जुलूस में शामिल लोगों में दहशत फैल गई।

बालकनी पर खड़े होकर कर रहे थे सेवा कार्य

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 वर्षीय अली और 14 वर्षीय अरमान मकान की बालकनी पर खड़े होकर नीचे मौजूद लोगों को शरबत और भोजन वितरित कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग प्रसाद और शरबत लेने के लिए बालकनी के सहारे खड़े होने लगे। लगातार बढ़ते वजन और भीड़ के दबाव के कारण बालकनी अचानक टूटकर नीचे गिर गई, जिससे कई लोग मलबे के नीचे दब गए।

स्थानीय लोगों ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य

हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को एंबुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

दो बच्चों की मौत, घायलों का इलाज जारी

अस्पताल में डॉक्टरों ने 12 वर्षीय अली और 14 वर्षीय अरमान को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है, हालांकि कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है।

प्रशासन ने शुरू की जांच

डीसीपी (उत्तर) गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत कार्य शुरू कराया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिक भीड़ और वजन के कारण बालकनी गिर गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

इमारत की मजबूती और भीड़ प्रबंधन की होगी जांच

प्रशासन ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि इमारत की संरचना पहले से कमजोर थी या भीड़ नियंत्रण में किसी प्रकार की लापरवाही हुई। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों ने भविष्य में धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

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