Lucknow Sawan Mahotsav Jhula Accident:लखनऊ के स्माइलगंज स्थित इंदिरानगर सावन महोत्सव में मंगलवार रात झूला टूटने से बड़ा हादसा हो गया। करीब 50 फीट ऊंचे झूले का एक बकेट अचानक टूटकर नीचे आ गिरा और झूला झूल रहे लोगों से जा टकराया। हादसे में भाई-बहन समेत पांच लोग घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। सभी घायलों को तत्काल सुषमा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में दो घायलों का इलाज जारी है, जबकि तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
दोस्तों के साथ मेले में पहुंची थी किशोरी
नया गांव विजयीपुर, विभूतिखंड निवासी 14 वर्षीय अंकिता सिंह अपने भाई सूर्या सिंह और बहन नैंसी के साथ मेले में पहुंची थीं। सूर्या के मुताबिक, शाम करीब 7:30 बजे वह अपने दोस्तों आयुष शर्मा, इशिका, अंकिता, नैंसी और अनामिका के साथ महोत्सव में पहुंचे थे।
करीब 15 मिनट बाद सभी झूला झूलने चले गए। झूला चलने के दौरान अचानक उसका एक बकेट टूट गया और नीचे आते समय अंकिता के मुंह पर जा लगा। हादसा होते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
झूला रोकने में हुई देरी
सूर्या के मुताबिक, हादसे के बाद झूला रोकने के लिए ऑपरेटर से कहा गया, लेकिन झूला तुरंत नहीं रुका। इसी दौरान सूर्या और उसकी बहन नैंसी भी बकेट की चपेट में आ गए।
बकेट एक अन्य लड़की से भी टकराया और उसके साथ बैठी युवती को भी चोट लगी। इस तरह हादसे में कुल पांच लोग घायल हुए। घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिली।
एक लड़की के शरीर में कई फ्रैक्चर
हादसे के बाद सभी पांच घायलों को सुषमा अस्पताल पहुंचाया गया। अंकिता और नैंसी का इलाज जारी है, जबकि सूर्या को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विमालनगर, वासुदेव डिग्री कॉलेज के पास रहने वाली 16 वर्षीय निशा कुमारी का भी इलाज चल रहा है। अस्पताल के सीईओ अर्पित सिंघल के अनुसार, पांच घायल अस्पताल पहुंचे थे। इनमें तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एक लड़की के शरीर में कई फ्रैक्चर मिले हैं, जबकि दूसरे घायल की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद नैंसी और अंकिता की मां पुष्पा सिंह ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। नैंसी का आरोप है कि हादसे के बाद झूले को तत्काल नहीं रोका गया, जिससे कुछ अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ गए।
पुष्पा सिंह ने मेले की जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मेला बिना अनुमति संचालित किया जा रहा था। उनका कहना है कि हादसे के बाद परिजनों ने मेला संचालक को पकड़ लिया था, लेकिन वह मौका पाकर वहां से भाग गया।
घटना के बाद सभी झूले बंद
हादसे की सूचना के बाद इंदिरानगर सावन महोत्सव में लगे सभी झूलों को बंद करा दिया गया। घटना ने मेले में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
