Meerut Corruption Case : मेरठ में रिश्वत लेकर आरोपी छोड़ने वाले दरोगा और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार, सीसीटीवी से खुली पोल

मेरठ में गैर-जमानती वारंट वाले आरोपी को रिश्वत लेकर छोड़ने के मामले में दरोगा और हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई हुई। सीसीटीवी फुटेज में आरोप सही मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

Meerut Police Corruption Case

Meerut Police Corruption Case: मेरठ में पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला एक मामला सामने आया है। यहां नौचंदी थाने में तैनात एक दरोगा और रेलवे रोड थाने के एक हेड कांस्टेबल पर रिश्वत लेकर आरोपी को छोड़ने का आरोप लगा है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने गैर-जमानती वारंट वाले एक आरोपी को पकड़ने के बाद रिश्वत लेकर छोड़ दिया था। इस पूरे मामले की पुष्टि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुई।

तीन साल पुराने मामले से जुड़ा है मामला

जानकारी के अनुसार, रेलवे रोड क्षेत्र के मकबरा घोसियान निवासी रिहान के खिलाफ तीन साल पहले लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मामला अदालत में विचाराधीन है। कोर्ट ने एक जून को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए 17 जून तक उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया था।

इस कार्रवाई की जिम्मेदारी नौचंदी थाने में तैनात दरोगा अनूप कुमार को सौंपी गई थी। 12 जून को अनूप कुमार रेलवे रोड थाने पहुंचे और वहां तैनात हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार के साथ आरोपी की तलाश में निकले।

चौकी लाकर छोड़ा गया आरोपी

दोनों पुलिसकर्मियों ने रिहान को उसके घर से पकड़ लिया और केसरगंज पुलिस चौकी लेकर आए। आरोप है कि चौकी पर आरोपी के परिजनों से तीन हजार रुपये लेने के बाद उसे छोड़ दिया गया। इस संबंध में किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को जानकारी नहीं दी गई।

इसके बाद आरोपी की मां रिहाना ने पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से कर दी।

सीसीटीवी फुटेज से खुली पोल

शिकायत मिलने के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान केसरगंज चौकी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई।

फुटेज में दरोगा अनूप कुमार और हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार एक लाल रंग की बाइक पर आरोपी रिहान को चौकी लाते हुए दिखाई दिए। बाद में आरोपी की मां भी चौकी पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि पैसे लेने के बाद आरोपी को छोड़ दिया गया।

जांच पूरी होने के बाद आरोप सही पाए गए और एसएसपी के निर्देश पर रेलवे रोड थाने में दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया।

रातभर चली गिरफ्तारी की कार्रवाई

मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार फरार हो गया। वहीं दरोगा अनूप कुमार भी छिपने की तैयारी में था। इसके बाद रेलवे रोड और ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

करियर पर पड़ा बड़ा असर

बताया जा रहा है कि दरोगा अनूप कुमार मूल रूप से अयोध्या का रहने वाला है और जल्द ही उसकी शादी होने वाली थी। वहीं हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार बुलंदशहर का निवासी है और इस साल उसके प्रमोशन की संभावना थी।

अब भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई होने के बाद दोनों का भविष्य मुश्किलों में पड़ गया है। विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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