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BJP Leader Arrested: किस मामले में एनबीडब्ल्यू पर पूर्व आयोग सदस्य गिरफ्तार, थाने में भाजपा जिलाध्यक्ष का धरना, पुराना मामला फिर चर्चा में

Hathras Comment Case: कासगंज जिले के पटियाली कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एक पुराने मामले ने फिर तूल पकड़ लिया। पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के आधार पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उच्च शिक्षा आयोग सदस्य नीरज किशोर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही जिले की राजनीति गरमा गई।

2020 के प्रार्थना पत्र से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला वर्ष 2020 में दिए गए एक शिकायत पत्र से जुड़ा है। भाजपा से जुड़े सभासद वीरेन्द्र कुमार गुप्ता ने उस समय अपर मुख्य सचिव (गृह), उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र भेजा था। इसमें आरोप लगाया गया था कि 1 अक्टूबर 2020 को हाथरस की घटना को लेकर एक सभा की गई, जहां लोगों को इकट्ठा कर भड़काऊ भाषण दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि भाषण के दौरान पुलिस प्रशासन और प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गईं।

हिस्ट्रीशीट और लाइसेंस का जिक्र

शिकायत पत्र में यह भी लिखा गया था कि आरोपी के खिलाफ कोतवाली पटियाली में हिस्ट्रीशीट दर्ज है। साथ ही शस्त्र लाइसेंस रद्द होने के बाद भी उसे जमा न कराने का आरोप लगाया गया। बताया जाता है कि मामला एनसीआरबी के एकीकृत जांच फार्म-1 से भी जुड़ा रहा। इसी प्रकरण में अदालत ने एनबीडब्ल्यू जारी किया था, जिसके तहत 25 फरवरी 2026 को पुलिस ने कार्रवाई की।

हाईकोर्ट से पहले मिली थी राहत

इस मामले का एक अहम कानूनी पहलू भी है। हाथरस कांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दर्ज एफआईआर में पहले गिरफ्तारी पर रोक लग चुकी थी। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दिया था। अदालत में सरकार की ओर से कहा गया था कि याची हिस्ट्रीशीटर है और उसका लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है।

कोतवाली में शुरू हुआ धरना

गिरफ्तारी के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा अपने समर्थकों और पदाधिकारियों के साथ कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए थाने परिसर में धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर विरोध जताया।

प्रशासन का पक्ष

मौके पर पहुंचे एएसपी सुशील कुमार, सीओ संदीप वर्मा और एसडीएम प्रदीप विमल ने जिलाध्यक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन धरना जारी रहा। वहीं कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी ने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह न्यायालय के आदेश के अनुसार की गई है और पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई की है।

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