Project Ganga: यूपी के लाखों घरों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, हज़ारों डिजिटल उद्यमियों को मिलेगा मौका

उत्तर प्रदेश सरकार ने 'प्रोजेक्ट गंगा' लॉन्च कर राज्य के 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। योजना के तहत 8 से 10 हजार डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी है। यह परियोजना डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

Project Ganga: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट गंगा’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को हरी झंडी दिखाते हुए इसे राज्य के डिजिटल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। इस योजना के तहत अगले कुछ वर्षों में करीब 20 लाख परिवारों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का मानना है कि बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

क्या है प्रोजेक्ट गंगा?

प्रोजेक्ट गंगा का पूरा नाम Government Assisted Network for Growth and Advancement (GANGA) है। यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना और इंटरनेट सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

इस परियोजना के तहत उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां अभी भी गुणवत्तापूर्ण इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके जरिए लोगों को ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस सेवाओं, स्किल डेवलपमेंट और वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

8 से 10 हजार डिजिटल उद्यमी होंगे तैयार

प्रोजेक्ट गंगा की सबसे बड़ी विशेषता स्थानीय स्तर पर डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) नेटवर्क तैयार करना है। सरकार ने न्याय पंचायत स्तर पर 8 हजार से 10 हजार डिजिटल उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य रखा है।

इन उद्यमियों को तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और संचालन संबंधी सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध करा सकें। इससे ग्रामीण युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।

महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस परियोजना के तहत तैयार किए जाने वाले डिजिटल उद्यमियों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना के माध्यम से राज्य में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

20 लाख घरों तक पहुंचेगा ‘गंगा फाइबर’

प्रोजेक्ट गंगा के तहत शुरू की जाने वाली इंटरनेट सेवा को गंगा फाइबर ब्रांड के नाम से संचालित किया जाएगा। अगले दो से तीन वर्षों में 20 लाख से अधिक घरों, छोटे व्यवसायों और सरकारी संस्थानों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाने की योजना है।

इस परियोजना के तकनीकी और संचालन सहयोग की जिम्मेदारी वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड (OIL) को दी गई है। कंपनी का दावा है कि उसका नेटवर्क पहले से देशभर में लाखों घरों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचा रहा है।

ऐसे कर सकते हैं आवेदन

प्रोजेक्ट गंगा के लिए एक समर्पित पोर्टल भी लॉन्च किया गया है। इच्छुक व्यक्ति पोर्टल पर आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) लाइसेंस प्रदान किया जाएगा।

लाइसेंस मिलने के बाद आवेदक अपने क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराकर आय अर्जित कर सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

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