Ram Mandir Donation Case: अयोध्या में राम मंदिर की दानराशि से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इस मामले की जानकारी मीडिया तक पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। बताया जा रहा है कि अब इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला अभी वरिष्ठ स्तर पर चर्चा और सहमति के बाद ही लिया जाएगा।
जांच के बीच बढ़ी हलचल
पिछले कुछ दिनों से चल रही जांच और पूछताछ के दौरान कई नई जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर से जुड़े कुछ कर्मचारी और सेवादार इस पूरे मामले में चर्चा के केंद्र में हैं। इन्हीं लोगों के जरिए कथित तौर पर मामले की जानकारी बाहर पहुंची थी। इस घटनाक्रम के बाद मंदिर परिसर और उससे जुड़े लोगों के बीच काफी हलचल देखी जा रही है।
अंदरूनी खींचतान की भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल दानराशि की जांच तक सीमित नहीं है। इसके पीछे परिसर में प्रभाव और पकड़ को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान की भी चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि मंदिर व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों का बढ़ता प्रभाव दूसरे समूहों को पसंद नहीं आ रहा था। इसी वजह से कई जानकारियां इकट्ठा की गईं और बाद में उन्हें आगे बढ़ाया गया।
मीडिया तक कैसे पहुंची जानकारी
बताया जा रहा है कि शुरुआत में मामले को अंदर ही अंदर सुलझाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन जब ऐसा होता नहीं दिखा, तब कुछ लोगों ने यह जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी। इसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और जांच की प्रक्रिया भी तेज हो गई। पिछले कई दिनों से यह पता लगाने की कोशिश चल रही थी कि जानकारी बाहर पहुंचाने में किसकी भूमिका रही।
कार्रवाई की तैयारी की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों की पहचान हुई है, उनके बारे में संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ स्तर पर विचार-विमर्श के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
स्थानीय नहीं बताए जा रहे लोग
जानकारी के अनुसार, जिन लोगों पर सूचना बाहर पहुंचाने का संदेह है, वे अयोध्या के स्थानीय निवासी नहीं बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि वे दूसरे जिलों से आकर यहां सेवा कार्यों से जुड़े हुए हैं। इसी कारण मामले को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
कर्मचारियों में बढ़ा डर
जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही परिसर में काम करने वाले कई कर्मचारियों और सहयोगियों के बीच चिंता का माहौल बताया जा रहा है। चर्चा है कि कुछ लोग मोबाइल फोन पर बातचीत करने से भी बच रहे हैं। वहीं, जांच एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी हुई हैं।









